बर्लिन, 22 जून (आईएएनएस)। जर्मनी के बॉन शहर स्थित मार्कटप्लाट्ज में संगठन ‘बलूच नेशनल मूवमेंट’ (बीएनएम) ने एक विरोध मार्च निकाला। संगठन के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य वैश्विक समुदाय का ध्यान बलूचिस्तान की गंभीर स्थिति और वहां कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की ओर आकर्षित करना था।
बीएनएम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने कथित “सरकारी दमन” से पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता जताई और न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के नेताओं के खिलाफ चल रही कथित “फेसलेस ट्रायल” प्रक्रिया पर भी चिंता व्यक्त की और इसे मौलिक मानवाधिकारों तथा न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।
बीएनएम ने अपने बयान में कहा, “प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। वहीं, पाकिस्तान सेना बिना जवाबदेही के काम कर रही है। संगठन ने विशेष रूप से बीवाईसी नेता महरंग बलोच और उनके साथियों के मामलों का उल्लेख किया, जिनके खिलाफ कथित रूप से पारदर्शिता के बिना न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। इन मामलों में अदालत के कर्मचारियों, गवाहों और यहां तक कि न्यायाधीशों की पहचान भी गुप्त रखी जा रही है।”
प्रदर्शनकारियों ने बलूच कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं के घरों पर कथित हमलों की भी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की जा रही है। साथ ही, जबरन गायब किए गए लोगों के परिवारों पर दबाव डाला जा रहा है। यही नहीं कई बार उन्हें लापता परिजनों से सार्वजनिक रूप से दूरी बनाने के लिए मजबूर भी किया जाता है।
प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान में मानवाधिकार स्थिति की जांच के लिए एक स्वतंत्र तथ्य-जांच मिशन गठित करने की अपील की। इसमें मानवाधिकार संगठनों, पत्रकारों और शोधकर्ताओं को शामिल करने की मांग की गई।
इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने यूरोपीय संघ और अन्य वैश्विक शक्तियों से अपील की कि वे पाकिस्तान के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में मानवाधिकार मुद्दों को प्राथमिकता दें।
बीएनएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मानवाधिकारों का सम्मान और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। संगठन ने यूरोपीय देशों से पाकिस्तान के साथ अपने व्यापारिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की समीक्षा करने तथा मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई, जबरन गुमशुदगी और कथित गैर-न्यायिक हत्याओं को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। इन आरोपों पर पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा संस्थान अक्सर अलग रुख रखते हैं और कई आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
–आईएएनएस
केआर/
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