नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अमेरिका हमेशा आतंकवाद के खिलाफ खड़ा रहेगा।
9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर दुनिया भर में पीड़ितों को याद किया जा रहा है। वर्ष 2001 में हुए इन हमलों में न्यूयॉर्क, वर्जीनिया और पेंसिल्वेनिया में कुल 2,977 लोगों की जान गई थी।
सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “25 साल बाद भी हम 9/11 में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद करते हैं। हम उनके परिवारों को अपनी प्रार्थनाओं में रखते हैं। हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे। हम हमेशा आतंकवाद के खिलाफ खड़े रहेंगे।”
11 सितंबर 2001 को आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े 19 आतंकवादियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण कर लिया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकरा दिया गया था।
तीसरे विमान को वर्जीनिया स्थित अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया, जबकि चौथे विमान के यात्रियों ने आतंकवादियों का बहादुरी से मुकाबला किया। संघर्ष के दौरान विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और वह वॉशिंगटन में अपने संभावित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर 11 सितंबर को पैट्रियट डे घोषित किया है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी घोषणा में ट्रंप ने कहा, “11 सितंबर 2001 की उस भयावह सुबह को 25 साल बीत चुके हैं और अब अमेरिका की एक पूरी पीढ़ी ऐसी है जिसे उस दिन की कोई प्रत्यक्ष स्मृति नहीं है।”
उन्होंने कहा कि उस दिन के पीड़ितों और घटनाओं को याद रखने का संकल्प हर अमेरिकी के दिल में दोबारा जीवित किया जाना चाहिए।
ट्रंप ने कहा, “समय बीतने के साथ भी उस दिन की याद हमारे राष्ट्र की चेतना से कभी धुंधली नहीं पड़नी चाहिए। ग्राउंड ज़ीरो की राख के बीच हमने ‘नेवर फॉरगेट’ का संकल्प लिया था, जिसे हर अमेरिकी के दिल, हर कक्षा और हर समुदाय में जीवित रखना होगा।”
राष्ट्रपति ने यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93 के यात्रियों, विशेष रूप से टॉड बीमर सहित उन 40 लोगों की बहादुरी को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने विमान पर नियंत्रण वापस लेने की कोशिश करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उन्होंने हमलों के बाद राहत और बचाव कार्य में जुटे पुलिसकर्मियों, दमकलकर्मियों, आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों, बचावकर्मियों और स्वयंसेवकों को भी सम्मान दिया। व्हाइट हाउस के अनुसार, न्यूयॉर्क शहर में राहत और निकासी अभियान में लगभग 100 आपातकालीन और फर्स्ट रिस्पॉन्डर एजेंसियों ने हिस्सा लिया।
–आईएएनएस
डीएससी
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