नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत और अफ्रीकन यूनियन कमीशन मिलकर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में चौथा इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट की मेजबानी करेंगे। इस समिट का आयोजन 31 मई को होने जा रहा है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में चौथे आईएएफएस का लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च किया। इस मौके पर अफ्रीकी देशों के डिप्लोमैट भी शामिल हुए।
भारत में मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलिकी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, “यह इतना बड़ा है कि हम इसे पूरी तरह से बता नहीं सकते, क्योंकि हमारे संबंध बहुत बड़े हैं और उन्हें इस तरह से दिखाने की जरूरत है कि लोग सच में महसूस कर सकें। भारत ने एक मजबूत बेंचमार्क तय किया है और आर्थिक और राजनीतिक दोनों तरह से तेजी से विकास किया है। यह अब ग्लोबल साउथ की जानी-मानी आवाजों में से एक है और हम इस बात से खुश हैं क्योंकि इसने हमें जी20 जैसे प्लेटफॉर्म तक एक्सेस दिया है, जहां बड़े फैसले लिए जाते हैं।”
भारत में जिम्बाब्वे की राजदूत, स्टेला नकोमो ने कहा, “हमने अभी-अभी इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट के लोगो, वेबसाइट और थीम को लॉन्च होते देखा है, जो मई के आखिर में होने वाला है। जिम्बाब्वे और भारत के बीच बहुत अच्छे द्विपक्षीय संबंध हैं। दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं, जो जिम्बाब्वे की आजादी के संघर्ष के दौरान और मजबूत हुए, जिसमें भारत ने अहम भूमिका निभाई थी। आने वाले समिट से इन संबंधों के और गहरे होने और द्विपक्षीय सहयोग और ग्रोथ के लिए नए क्षेत्र और सेक्टर पहचानने में मदद मिलने की उम्मीद है।”
केन्या के उच्चायुक्त पीटर माइना मुनयिरी ने कहा, “यह समिट बहुत जरूरी है क्योंकि यह उन खास सिद्धांतों और स्तंभों को मजबूत करता है जिन पर यह संबंध बना है। इससे जो घोषणाएं सामने आएंगी, वे व्यापार, आर्थिक सहयोग और भारत और अफ्रीका के बीच ओवरऑल साझेदारी समेत कई क्षेत्र में एक मजबूत और बेहतर संबंध बनाने में मदद करेंगी।”
चौथे आईएएफएस में पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के नेता, अफ्रीकन यूनियन कमीशन और क्षेत्रीय संगठन के प्रतिनिधि एक साथ आएंगे ताकि भारत-अफ्रीका की पक्की साझेदारी को मजबूत किया जा सके और अलग-अलग क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जा सके।
इस मौके पर विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, “अफ्रीका की आजादी के बिना हमारी आजादी पूरी नहीं थी, अफ्रीका के विकास के बिना हमारा विकास पूरा नहीं था, और हमारी तरक्की तभी पूरी और पक्की होगी जब हम अफ्रीका की तरक्की भी देखेंगे।”
–आईएएनएस
केके/पीएम
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