पाकिस्तान ने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत और टेबल वार्ता की अपनी पेशकश दोहराते हुए कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत से न कतराए। विदेश कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, हमारा एकमात्र विवाद कश्मीर है और इसे केवल बातचीत के माध्यम से ही सुलझाया जा सकता है।
पाकिस्तान कभी भी बातचीत से पीछे नहीं हटा है और इसने जम्मू-कश्मीर के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवाद सहित सभी बचे हुए विवादों के लिए शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है। प्रवक्ता ने कहा कि वार्ता का सिद्धांत यह कहता है कि जो कोई भी भाग जाता है, उसकी बातचीत की मेज पर कमजोर स्थिति होती है।
उन्होंने कहा, जिस तरह से हम अपनी स्थिति को स्पष्ट कर रहे हैं, उससे पता चलता है कि हमारे पास ताकत की स्थिति है। मुझे फिर से कहना चाहिए कि जम्मू एवं कश्मीर विवाद पर पाकिस्तान की सिद्धांतवादी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, जम्मू एवं कश्मीर एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का विवाद है और इसे संबंधित यूएनएससी प्रस्तावों के अनुसार, हल करने की जरूरत है।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया युद्धविराम समझौता इस्लामाबाद की सुसंगत स्थिति के अनुरूप है। उन्होंने कहा, एलओसी और अन्य सभी क्षेत्रों के साथ स्थिति की समीक्षा करते हुए, दोनों पक्ष सभी समझौतों, समझ और संघर्ष विराम का पालन करने के लिए सहमत हुए हैं। प्रवक्ता ने कहा, समझौते से कश्मीरी लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी और एलओसी के किनारे रहने वाले कश्मीरियों के कष्टों को कम करने में मदद मिलेगी।


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