तेल अवीव, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर लेबनान की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें इजरायली डिफेंस फोर्स का एक सैनिक यीशु मसीह की मूर्ति को तोड़ता हुआ नजर आ रहा है। इसके बाद अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सफाई दी है।
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “यहूदी देश होने के नाते, इजरायल यहूदियों और सभी धर्मों के मानने वालों के बीच सहनशीलता और आपसी सम्मान के यहूदी मूल्यों को महत्व देता है और उन्हें बनाए रखता है। हमारी जमीन पर सभी धर्म फलते-फूलते हैं और हम अपने समाज और इलाके को बनाने में सभी धर्मों के लोगों को बराबर मानते हैं।”
उन्होंने कहा, “कल ज्यादातर इजरायलियों की तरह मैं भी यह जानकर हैरान और दुखी हुआ कि एक आईडीएफ सैनिक ने दक्षिणी लेबनान में एक कैथोलिक धार्मिक मूर्ति को नुकसान पहुंचाया। मैं इस काम की कड़ी निंदा करता हूं। सैन्य अधिकारी इस मामले की आपराधिक जांच कर रहे हैं और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।”
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, “सीरिया और लेबनान में मुसलमानों द्वारा ईसाइयों का कत्लेआम किया जा रहा है, वहीं मिडिल ईस्ट में दूसरी जगहों के मुकाबले इजरायल में ईसाई आबादी बढ़ रही है। इजरायल इस इलाके का अकेला ऐसा देश है, जहां ईसाई आबादी और रहन-सहन का स्टैंडर्ड बढ़ रहा है। इजरायल मिडिल ईस्ट में अकेली ऐसी जगह है, जहां सभी को धार्मिक आजादी है। हम इस घटना और लेबनान और दुनियाभर में मानने वालों को इससे हुई किसी भी तकलीफ के लिए अफसोस जाहिर करते हैं।”
इससे पहले इजरायली डिफेंस फोर्स ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा था कि आज पहले पब्लिश हुई एक तस्वीर की शुरुआती जांच के बाद, जिसमें एक आईडीएफ सैनिक एक ईसाई निशान को नुकसान पहुंचा रहा था, यह पता चला कि तस्वीर दक्षिणी लेबनान में काम कर रहे एक आईडीएफ सैनिक की है। आईडीएफ इस घटना को बहुत गंभीरता से लेता है और इस बात पर जोर देता है कि सैनिक का व्यवहार सैनिकों से उम्मीद की जाने वाले मूल्यों से पूरी तरह अलग है।
आईडीएफ ने कहा कि इस घटना की जांच नॉर्दर्न कमांड कर रही है और अभी चेन ऑफ कमांड के जरिए इस पर काम किया जा रहा है। जांच के नतीजों के हिसाब से इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सही कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, आईडीएफ मूर्ति को उसकी जगह पर वापस लाने में समुदाय की मदद करने के लिए काम कर रही है।
–आईएएनएस
केके/वीसी
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