RAF Leader Daniel klette Jailed for 13 years : RAF की सदस्य डेनियल क्लेट को जर्मनी कोर्ट ने 13 साल की सजा सुनाई है. डेनियल क्लेट मोस्ट वांटेड महिला व फार लेफ्ट ग्रुप RAF यानी रेड आर्मी फैक्शन की सदस्य रहीं हैं. आरोप है कि क्लेट 30 साल से ज्यादा समय तक पुलिस की आंखों में धूल झोक रही थीं. वह बर्लिन में नाम व पहचान बदल कर रह रही थीं.
26 फ़रवरी, 2024 में उन्हें बर्लिन के क्रूजबर्ग (Kreuzberg) से गिरफ्तार किया गया था. इस जगह पर वह पहचान छिपा कर रह रही थीं, गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 महीने पुलिस रिमांड में रखा गया. जहां से उनकी कोर्ट में पेशी होती थी. अब इस मामले में उन्हें सजा मिली है.
गिरफ्तारी के दौरान

जिस समय बर्लिन में उनकी गिरफ्तारी की जा गई थी तब जांचकर्ताओं को छापेमारी के दौरान करीब 40,000 यूरो (लगभग 42,000 डॉलर) नकद यानी करीब 36 लाख रुपए मिले. एक बाजूका और उसका वारहेड, पिस्तौलें और कलाश्निकोव राइफलें भी मिलीं. हालंकि इस दौरान एक चूक भी सामने आई.
अधिकारियों ने कथित तौर पर क्लेट को वॉशरूम इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी, जहां उसने मौका पाकर अपने संदिग्ध साथी बुरखार्ड गारवेग गिरफ्तारी की चेतावनी दे दी.
गारवेग, जो उस समय बर्लिन में ही था, और तीसरा संदिग्ध इस चलते फरार हो गए.
बता दें, क्लेट एकमात्र ऐसी महिला है जो कि यूरोप की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में थी. BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्लेट ने अपने साथी पूर्व RAF सदस्यों बुरखार्ड गारवेग और अर्न्स्ट-वोल्कर स्टॉब के साथ मिलकर डकैतियां कीं, जो अभी भी फरार हैं. आरोप है कि तीनों ने मिलकर डकैतियों की एक श्रृंखला के माध्यम से लगभग 24 लाख यूरो चुराए, जिनका इस्तेमाल उन्होंने 1998 में RAF के आधिकारिक रूप से खत्म हो जाने के बाद जिंदगी गुजारने के लिए किया.
सजा के विरोध में लगे नारे

कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान क्लेट पर आरोप था कि उन्होंने 1999 और 2016 के बीच अपने साथियों के साथ मिलकर कई बड़ी डकैतियां डाली थीं. इससे अंडरग्राउंड रह रहे ग्रुप के बाकी बचे भगोड़ों के जीवन के लिए धन जुटाया जा सके. क्लेट को जब कोर्ट ने 13 साल की सजा सुनाई तब वो काफी शांत दिखाई दी. हालांकि, कोर्ट में मौजूद क्लेट के समर्थकों ने कोर्ट के इस फैसले का विरोध किया और उनकी रिहाई के नारे लगाए.
क्या है RAF

बता दें RAF फार लेफ्ट संगठन है, जो साल 1984 से 1993 के बीच सक्रिय रही. इस दौरान इस समूह ने 10 लोगों की हत्या की थी. 1989 में डॉयचे बैंक के प्रमुख अल्फ्रेड हेयरहाउज़ेन और 1991 में राजनेता डेटलेव कार्स्टन रोहवेडर की हत्या ने पूरे जर्मनी में बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया था.
इस संगठन की स्थापना 1970 में एंड्रियास बाडर (Andreas Baader), उलरीके मेनहोफ (Ulrike Meinhof) और गुड्रून एन्स्लिन (Gudrun Ensslin) जैसे छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं द्वारा की गई थी. इसे अक्सर ‘बाडर-मीनहोफ समूह’ भी कहा जाता था.
अपने अस्तित्व के दौरान, आरएएफ (RAF) ने कई हिंसक वारदातों को अंजाम दिया, जिनमें बम विस्फोट, बैंक डकैतियां, हाई-प्रोफाइल अपहरण और उद्योगपतियों तथा राजनीतिक हस्तियों की हत्याएं शामिल थीं.























