तापमान बढ़ने से यूरोप बेहाल: तप रहा जर्मनी, फ्रांस को राहत नहीं, यूके में जल्द मौसम सामान्य होने की उम्मीद

बर्लिन/लंदन/पेरिस, 27 जून (आईएएनएस)। यूरोप के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। मौसम के गर्म तेवर ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं। जर्मनी ने शुक्रवार को अब तक का अपना सबसे अधिक तापमान दर्ज किया, जहां पारा 41.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह जानकारी मौसम विभाग के प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर दी गई है। गर्मी के कारण फ्रांस में होने वाली प्राइड मार्च को स्थगित कर दिया गया है।

जर्मनी का सारब्रुकन शहर शुक्रवार को सबसे गर्म रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताहांत में तापमान और बढ़ने की आशंका है और गर्मी का असर अब मध्य और पूर्वी यूरोप की ओर बढ़ रहा है, जिसमें पोलैंड और बाल्कन क्षेत्र शामिल हैं।

ब्रिटेन को इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है, लेकिन इस सप्ताह के रिकॉर्ड तोड़ तापमान के बाद स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। ब्रिटेन में सेंटन डाउनहैम (सफोक) में 37.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो जून माह का नया रिकॉर्ड है।

मौसम विभाग के अनुसार, ब्रिटेन में हाल के दिनों में लगातार उच्च तापमान दर्ज किया गया है, जबकि इससे पहले 1976 में जून का रिकॉर्ड 35.6 डिग्री सेल्सियस था।

फ्रांस इस हीटवेव से सबसे अधिक प्रभावित देशों में रहा है, जहां कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है। अत्यधिक गर्मी के कारण कई लोगों की मौत की भी खबरें हैं, जिनमें कुछ मामले डूबने और कुछ गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के हैं।

पेरिस में इस सप्ताहांत होने वाली प्राइड मार्च (एलजीबीटीक्यू+) को स्थगित कर दिया गया है, क्योंकि पुलिस ने आयोजकों से आपातकालीन सेवाओं पर दबाव कम करने के लिए कार्यक्रम टालने का अनुरोध किया था।

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने भी देश में जारी भीषण हीटवेव के दौरान लोगों से खेल और शारीरिक गतिविधियां रोकने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बहुत से लोग, विशेषकर, चेतावनियों और उच्च तापमान के बावजूद शारीरिक गतिविधियां जारी रख रहे हैं।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “इस तरह खुद को खतरे में डालना आपातकालीन सेवाओं, इमरजेंसी वार्ड और आईसीयू पर अनावश्यक दबाव बढ़ाता है।” सरकार ने लोगों से अत्यधिक गर्मी के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक शारीरिक परिश्रम से बचने की सलाह दी।

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पिछले सप्ताह शुरू हुई हीटवेव 2003 की उस भीषण गर्मी के स्तर तक पहुंच सकती है, जिसमें पूरे देश में लगभग 15,000 लोगों की मौत हुई थी।

वहीं, ब्रिटेन के मौसम विभाग के अनुसार, सप्ताहांत में मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा, लेकिन दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में गर्मी सबसे लंबे समय तक बनी रह सकती है। विभाग ने यह भी बताया कि कई क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी को लेकर चेतावनी जारी है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सप्ताहांत में जर्मनी और आसपास के क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर जा सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

–आईएएनएस

केआर/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Make Punjab Kesari Your Trusted News Source

Related Posts

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।