‘बिहार से हो, इसलिए तुम्हें बोलने तक नहीं आता’, बस इतना कहकर इतना मारा-मारा कि आंख से आने लगा खून, Gurugram में बिहारी युवक की बेरहमी से पिटाई

Summary :

“तुम बिहार से हो, है ना? तुम्हें तो ठीक से बोलना भी नहीं आता। तुम्हें ऐसा क्यों लगता है कि तुम दिल्ली या गुरुग्राम में कोई नौकरी कर पाओगे? निकलो यहां से—अभी के अभी!” यहीं से कहानी शुरू होती है। यह घटना दिल्ली-NCR क्षेत्र के गुरुग्राम की है, जहां बिहार के एक नौजवान को सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि वह बिहार का रहने वाला था। क्या बिहार का होना कोई जुर्म है? ऐसा क्यों है कि लगभग हर रोज़, कहीं न कहीं, ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं जिनमें पीड़ित पर सिर्फ़ इसलिए हमला किया जाता है क्योंकि वह…

“तुम बिहार से हो, है ना? तुम्हें तो ठीक से बोलना भी नहीं आता। तुम्हें ऐसा क्यों लगता है कि तुम दिल्ली या गुरुग्राम में कोई नौकरी कर पाओगे? निकलो यहां से—अभी के अभी!” यहीं से कहानी शुरू होती है। यह घटना दिल्ली-NCR क्षेत्र के गुरुग्राम की है, जहां बिहार के एक नौजवान को सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि वह बिहार का रहने वाला था।

क्या बिहार का होना कोई जुर्म है? ऐसा क्यों है कि लगभग हर रोज़, कहीं न कहीं, ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं जिनमें पीड़ित पर सिर्फ़ इसलिए हमला किया जाता है क्योंकि वह “बिहारी” है? बिहार के नौजवानों को अपने गृह राज्य से बाहर ऐसी दुश्मनी कब तक झेलनी पड़ेगी? आख़िरकार, इसका जवाब कौन देगा? इसके लिए किसे जवाबदेह ठहराया जाएगा?

गुरुग्राम की घटना

Bihar youth assault in Gurugram (CREDIT-SM)

बता दें कि दिल्ली के सटे गुरुग्राम से एक बड़ी खबर सामने आई है। गुरुग्राम के एक पॉश इलाके DLF Phase-3 में भाषाई भेदभाव से जुड़ी एक घटना सामने आई है। यहां बिहार के रहने वाले एक युवक को बेरहमी से पीटा गया। युवक पर हमला सिर्फ इसलिए किया गया, क्योंकि उसकी भाषा हमलावरों को समझ नहीं आ रही थी। आरोपियों ने युवक को तब तक थप्पड़ और लात-घूंसों से पीटा, जब तक वह बेहोश होकर ज़मीन पर गिर नहीं गया। खून से लथपथ पीड़ित युवक इस समय अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि मूल रूप से बिहार के भोजपुर ज़िले के संडेरा गाँव के रहने वाले आदित्य राज पांडे, फ़िलहाल गुरुग्राम के DLF फ़ेज़-3 में किराए के मकान में रहते हैं और सेक्टर-48 में स्थित Candor TechSpace के अंदर Teleperformance में काम करते हैं। पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक, 20 मई 2026 की रात को उनके सहकर्मी अंश त्यागी ने उन्हें DLF फ़ेज़-3 के एक कमरे में मिलने के लिए बुलाया, जहाँ उनका दोस्त जोएल के. जोस रहता है।

जब 21 मई की रात करीब 2:00 बजे आदित्य उस कमरे में पहुँचे, तो वहाँ अंश, जोएल, उदय संसनवाल, निखिल संसनवाल और एक युवती मौजूद थे। आरोप है कि उदय और निखिल नशे में थे और उन्होंने आदित्य की हिंदी और उनके क्षेत्रीय लहजे का मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन दोनों ने उन्हें गालियाँ दीं और उनके साथ मारपीट की।

पुलिस ने क्या बताया?

आरोप है कि उदय ने सबसे पहले आदित्य को थप्पड़ मारा, जिसके बाद उदय और निखिल ने मिलकर उसके चेहरे और सिर पर कई मुक्के और थप्पड़ मारे। इस हमले में आदित्य को गंभीर चोटें आईं और उसके शरीर से ज़ोरों से खून बहने लगा। इसी बीच, जोएल खाना लेकर वापस आया और अंश के साथ मिलकर उसने आदित्य को आरोपियों के चंगुल से बचाया।

पीड़ित का कहना है कि अगर उसके दोनों दोस्त सही समय पर वहाँ नहीं पहुँचते, तो आरोपी उसकी जान भी ले सकते थे। हमले के बाद, आरोपी जान से मारने की धमकियाँ देते हुए मौके से फरार हो गए। इसके बाद, आदित्य को घायल अवस्था में R.B.S. अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया है कि आरोपी की तलाशी जारी है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।