‘Batwara 1947’ के फ्लॉप होने पर राजकुमार संतोषी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- सनी देओल का मुस्लिम किरदार…..

Summary :

राजकुमार संतोषी ने बताया कि ‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल को मुस्लिम किरदार देना एक सोचा-समझा रचनात्मक फैसला था। सिकंदर मिर्जा का किरदार सनी की ‘गदर’ और ‘बॉर्डर’ वाली छवि से बिल्कुल अलग है, जो कट्टरपंथ के खिलाफ खड़ा होता है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, जिसमें ‘आवारापन 2’ से क्लैश को भी एक वजह माना जा रहा है।

सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी ने ‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी कई यादगार फिल्में दी हैं। लेकिन उनकी हालिया फिल्म ‘बंटवारा 1947’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। करीब 150 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने पहले हफ्ते में लगभग 33.60 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है।

14 अगस्त 2026 को इंडिपेंडेंस डे के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म की कहानी भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौर की इमोशनल सिचुएशन पर बेस्ड है। फिल्म को लेकर चर्चा के बीच यह सवाल भी उठाया गया था कि क्या सनी देओल को मुस्लिम किरदार में दिखाना दर्शकों को पसंद नहीं आया। उसी मुद्दे पर बात करते हुए अब निर्देशक राजकुमार संतोषी ने इसपर खुलकर अपनी बात रखी है।

सनी देओल को मुस्लिम किरदार देने पर हुई थी चर्चा

एक मीडिया हाउस को दिए गए इंटरव्यू में राजकुमार संतोषी ने माना कि सनी देओल को मुस्लिम किरदार में कास्ट करने को लेकर टीम के बीच विचार-विमर्श हुआ था। हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि यह फैसला किसी जल्दबाजी में नहीं, बल्कि कहानी और किरदार को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। संतोषी के मुताबिक, सनी देओल का ‘सिकंदर मिर्जा’ वाला किरदार फिल्म की कहानी के लिए बिल्कुल सही था। उन्होंने कहा कि यह रोल सनी के लिए भी एक अलग तरह की चुनौती थी और वो इस किरदार को निभाने को लेकर काफी एक्साइटेड थे।

‘गदर’ और ‘बॉर्डर’ की इमेज से बिल्कुल अलग है किरदार

Character Of Sunny Deol In Batwara 1947
Character Of Sunny Deol In Batwara 1947 (Source: Google)

राजकुमार संतोषी ने बताया कि सनी देओल की पहचान लंबे समय से मजबूत और देशभक्त किरदारों के लिए रही है। ‘गदर’ और ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों में उन्होंने ऐसे किरदार निभाए हैं, जो दुश्मनों के खिलाफ मोर्चा लेते नजर आए। इसके अपोजिट अब ‘बंटवारा 1947’ में वह सिकंदर मिर्जा नाम के एक मुस्लिम इंसान का रोल निभा रहे हैं, जो कट्टरपंथ का विरोध करता है और इंसानियत तथा शांति की बात करता है। संतोषी के मुताबिक, इसी वजह से यह किरदार सनी की पिछले रोल्स से काफी अलग था।

सनी को ही क्यों चुना गया?

Sunny Deol In Batwara 1947
Sunny Deol In Batwara 1947 (Source: Google)

निर्देशक ने बताया कि सनी देओल के साथ उनकी पुरानी दोस्ती भी इस कास्टिंग का एक हिस्सा थी। दोनों ने पहले तीन सक्सेसफुल फिल्मों में साथ काम किया है। हालांकि, संतोषी का कहना है कि सिर्फ दोस्ती की वजह से सनी को फिल्म में नहीं लिया गया। बल्कि उनका मानना था कि फिल्म को ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए एक पॉपुलर मेनस्ट्रीम स्टार की जरूरत थी। ऐसे में सनी बेहद पॉपुलर एक्टरों में से एक हैं और साथ ही एक बेहतरीन कलाकार भी हैं, इसलिए सिकंदर मिर्जा के रोल के लिए उन्हें सबसे बेहतर माना गया।

2008 में शुरू हुआ था फिल्म का विचार

Batwara 1947' Film Planning
Batwara 1947′ Film Planning (Source: Google)

राजकुमार संतोषी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की सोच काफी पुरानी है। करीब 2008 में वह एक अलग फिल्म बनाने की प्लानिंग पर काम कर रहे थे। बाद में जब उन्होंने इस कहानी और सब्जेक्ट को तय किया, तो सनी देओल के साथ इसे बनाने का फैसला लिया। संतोषी ने बताया कि उन्होंने सनी को कहानी सुनाई और एक्टर को भी यह प्रोजेक्ट काफी पसंद आया। निर्देशक शुरू से चाहते थे कि यह एक ऐसी मेनस्ट्रीम फिल्म बने, जो ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंच सके।

इसके अलावा राजकुमार संतोषी ने ये भी कहा कि, मैं किसी की बुरा नहीं चाहता, फिर वो चाहे कोई भी देश क्यों ना हो। अगर हम ये कहते हैं कि भारत जिंदाबाद है, तो पाकिस्तान को भी जिंदाबाद रहने की उतनी ही आज़ादी है। तो हमें किसी भी देश को गलत तरीके से नहीं देखना चाहिए और सेंसर बोर्ड ने भी शायद इसी लिए फिल्म में कोई भी कट नहीं लगाया क्योंकि हर किसी को अपनी बात बोलने और कहने की पूरी आज़ादी हैं।

‘आवारापन 2’ से टकराव का भी पड़ा असर

Awarapan 2 Vs Batwara 1947 Clash
Awarapan 2 Vs Batwara 1947 Clash (Source: Google)

जानकारी के लिए आपको बता दें कि ‘बंटवारा 1947’ को इंडिपेंडेंस डे के मौके पर रिलीज करने के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत नहीं मिल पाई थी। फिल्म की रिलीज ‘आवारापन 2’ के साथ हुई, जिसे भी इसके कमजोर प्रदर्शन की एक वजह माना जा रहा है। हालांकि फिल्म की कहानी में धर्म और नफरत के बजाय इंसानियत, शांति और आपसी प्रेम का मैसेज देने की कोशिश की गई है, जिसकी कुछ दर्शकों ने तारीफ भी की। लेकिन बॉक्स ऑफिस आंकड़े फिल्म के पक्ष में नहीं रहे।

सनी देओल का सिकंदर मिर्जा वाला किरदार भी उनके करियर की पारंपरिक इमेज से काफी अलग नजर आया। जहां ‘गदर’ और ‘बॉर्डर’ ने उन्हें एक्शन और देशभक्ति वाले नायक के रूप में रिफ्लेक्ट किया, वहीं ‘बंटवारा 1947’ में वह एक ऐसे मुस्लिम किरदार के रूप में नजर आए, जो कट्टरपंथ के खिलाफ खड़ा होता है।

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Rishabh Pandey

ऋषभ पांडे पिछले पांच साल से पत्रकारिता के फील्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट और स्पोर्टस बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं।