AAP के आरोपों पर बोली BJP-कितना भी छुप लो CM साहब MCD के 13,000 करोड़ तो देने पड़ेंगे

Summary :

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बीजेपी की मदद से हाउस अरेस्ट किया गया है। हालांकि दिल्ली पुलिस आप के इन सभी आरोपों को खारिज़ कर चुकी है।

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बीजेपी की मदद से हाउस अरेस्ट किया गया है। हालांकि दिल्ली पुलिस आप के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज़ कर चुकी है। वहीं बीजेपी ने आप के इस बयान को राजनीतिक बयानबाजी करार देते हुए केजरीवाल सरकार पर झूठ बोलने और नगर निगम का पैसा दबाने का आरोप लगाया।
बीजेपी का कहना है कि आप के नेता मीडिया में और ट्वीट करके सफेद झूठ बोल रहे हैं कि कल सुबह से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी को हाउस अरेस्ट कर रखा है, अगर यह सच है तो कल रात वह आराम से घर से बाहर जाते हुए कैसे दिखाई दे रहे हैं? केजरीवाल सरकार की नींव केवल समाज को परेशान करने और झूठ बोलने पर आधारित है।
पार्टी ने कहा, केजरीवाल नजरबंद नहीं है बल्कि नजरें बंद करके म्यूनिसिपैलिटी के कर्मचारियों को नजरअंदाज करके पार्षदों से नजरें छुपा कर घर में बैठे हैं। हमेशा की तरह झूठ बोल रही हैं आप। केजरीवाल खुद अपनी मर्जी से अपने घर में छुपे बैठे हैं। आप कितना भी छुप लो सीएम साहब एमसीडी के 13,000 करोड़ तो आपको देने पड़ेंगे।


बीजेपी सांसद हंसराज हंस ने ट्वीट करते हुए लिखा, प्रिय अरविंद केजरीवाल जी, अब आपका दिल्ली बंद षड्यन्त्र तो फेल हो गया है तो कम से कम आपके आवास के बाहर इतनी सर्दी में मेयर और निगम पार्षद सहित अन्य पदाधिकारी पिछले 24 घंटे से अधिक समय से धरने पर बैठे हुए हैं उनसे भी मूलकता कीजिए और एमसीडी का 13000 करोंड बकाया फंड दीजिए।

दरअसल, सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल को नजरबंद कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ गृह मंत्रालय के निर्देश पर, दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को सिंघू बॉर्डर पर किसानों से मिलने के बाद से ही नजरबंद कर दिया है। किसी को भी उनके आवास जाने या वहां से किसी को बाहर आने की अनुमति नहीं है। हमारे विधायकों की पिटाई की गई। वहां कई अवरोधक लगाए गए हैं और घरेलू सहायिका को भी घर के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा।’’ 
वहीं पुलिस उपायुक्त (उत्तर) एंटो अल्फोंस ने भी केजरीवाल के आवास के प्रवेश द्वारा की तस्वीर साझा की और सभी आरोपों को खारिज किया। डीसीपी ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री को नजरबंद करने के आरोप गलत हैं। वह कानून के शासन में स्वतंत्रता से कहीं भी आने-जाने के अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। आवास के प्रवेश द्वार की तस्वीर सब स्पष्ट करती है।’’ 

Desk Team