Delhi : दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने रोहिणी और आसपास के इलाकों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्य भूमिगत ट्रंक आउटफॉल ड्रेन की विशेष सफाई अभियान के तहत अब तक 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद और कचरा हटाया है। डीडीए ने बताया कि यह अभियान दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर चलाया जा रहा है।
इसका उद्देश्य ड्रेनेज नेटवर्क की जल निकासी क्षमता को बहाल करना, बारिश के पानी के प्रवाह को सुचारु बनाना और रोहिणी व आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को कम करना है। DDA के अनुसार, वर्षों से लगातार गंदे पानी के बहाव और भारी मात्रा में गाद जमा होने के कारण भूमिगत पाइपलाइनें बुरी तरह जाम हो गई थीं।
इससे ड्रेन की पानी ले जाने की क्षमता काफी कम हो गई थी। चूंकि ये बड़े व्यास वाली भूमिगत पाइपलाइनें हैं, इसलिए सामान्य तरीके से उनकी सफाई संभव नहीं थी। इस चुनौती से निपटने के लिए DDA ने उच्च क्षमता वाली सुपर सकर और हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया।
पहले हाई-प्रेशर पानी से जमी हुई गाद को ढीला किया गया और फिर वैक्यूम मशीनों से उसे बाहर निकाला गया। यह पूरा कार्य चरणबद्ध तरीके से और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किया जा रहा है। DDA ने बताया कि यह ट्रंक आउटफॉल ड्रेन वर्ष 1995 से 1998 के बीच बनाया गया था। इसमें अलग-अलग हिस्सों में 2200 मिमी व्यास वाली तीन, चार और पांच समानांतर आरसीसी पाइपलाइनें हैं।
यह ड्रेन रोहिणी के सेक्टर-20, 21, 22 और 23 के अलावा किराड़ी और बेगमपुर के कुछ हिस्सों का वर्षा जल और अन्य बहाव लेकर जाता है। इस वजह से इसे क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण ड्रेनेज लाइनों में शामिल माना जाता है। विशेष सफाई अभियान के तहत 4.095 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन की सफाई की जा रही है।
“परियोजना पूरी होने के बाद ड्रेनेज नेटवर्क की जल निकासी हो जाएगी बहाल”
इसमें कुल करीब 16.50 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन और 75 इंस्पेक्शन चैंबर शामिल हैं। DDA का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद ड्रेनेज नेटवर्क की मूल जल निकासी क्षमता बहाल हो जाएगी, जिससे बारिश के दौरान पानी का प्रवाह बेहतर होगा और जलभराव का जोखिम कम होगा।
प्राधिकरण ने बताया कि पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी जोन में वर्षा जल निकासी नालों की सफाई का काम पूरा हो चुका है, जबकि रोहिणी, नरेला और द्वारका जोन में कार्य अंतिम चरण में है। इन कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है और जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
डीडीए के अनुसार, इस वर्ष ड्रेनेज सफाई अभियान के लिए दिल्ली को पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, नरेला, रोहिणी और द्वारका छह परिचालन जोन में बांटा गया, ताकि बेहतर योजना, निगरानी और समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जा सके। डीडीए ने दावा किया कि इस वर्ष नालों की सफाई का दायरा पिछले वर्ष की तुलना में काफी बढ़ा है। पिछले वर्ष प्री-मानसून अभियान के दौरान 33,380 मीट्रिक टन गाद हटाई गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद निकाली जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाती है।
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