Delhi : दिल्ली एम्स ने मिथिला के प्रसिद्ध मखाना को अपनी आधिकारिक डाइट शीट में शामिल कर लिया है। मदर एंड चाइल्ड यूनिट की डाइट शीट में मखाना को स्थान मिलने से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार को बढ़ावा मिलेगा।
इसे मिथिला के मखाना उद्योग और लाखों किसानों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इस पहल के पीछे दरभंगा जिले के राजीव रंजन के लंबे समय से किए गए प्रयासों की अहम भूमिका रही। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से एम्स के पोषण विशेषज्ञों और वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ मखाना के पोषण मूल्य, वैज्ञानिक शोध और स्वास्थ्य लाभों पर लगातार चर्चा की गई।
विस्तृत वैज्ञानिक तथ्यों और शोध के आधार पर विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला कि मखाना मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए अत्यंत पौष्टिक, सुरक्षित और आसानी से पचने वाला खाद्य पदार्थ है। इसके बाद इसे आधिकारिक डाइट शीट में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
यह लो-फैट और ग्लूटेन-फ्री होने के कारण स्वास्थ्यवर्धक
दिल्ली एम्स की पोषण विशेषज्ञ, पिंकी साहा ने बताया कि मखाना उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट्स का समृद्ध स्रोत है। यह लो-फैट और ग्लूटेन-फ्री होने के कारण स्वास्थ्यवर्धक स्नैक के रूप में भी उपयुक्त माना जाता है।
कृषि एवं पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान द्वारा मखाना को आधिकारिक मान्यता मिलने से इसकी मांग में वृद्धि होगी, जिससे मिथिला सहित देश के लाखों मखाना उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही, भारतीय सुपरफूड के रूप में मखाना की पहचान और मजबूत होगी तथा राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रमों में इसकी भूमिका भी व्यापक होने की उम्मीद है।
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