नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी के विवाद पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सबसे बड़ा पाप है। यह जनता की भावनाओं के साथ विश्वासघात है।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बात करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता की भावनाओं को इससे गहरी चोट पहुंची है। देश-दुनियाभर के भक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है।
उन्होंने सवाल किया कि दो ट्रस्टियों का इस्तीफा हो चुका है, लेकिन बाकी लोगों ने क्यों नहीं दिया। सभी को इस्तीफा देना चाहिए। नए सिरे से ट्रस्ट का गठन करना चाहिए, जिसमें राम भक्तों को जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए और न कि भाजपा और अन्य संगठनों के लोगों को इस इसमें डाला जाए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्ट की ओर से इसे स्वीकार भी कर लिया गया है। हालांकि, चंपत राय के खिलाफ हाल ही में वकीलों ने मोर्चा खोल दिया था और विरोध मार्च भी निकाला था। वकीलों ने कहा था कि अगर एफआईआर नहीं होती है तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
दूसरी ओर प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा पर शेड्यूल-10 को तोड़-मरोड़कर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी, टीएमसी और शिवसेना में सांसदों-विधायकों को तोड़ने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि चाहे आम आदमी पार्टी का राज्यसभा में मामला हो या टीएमसी के सांसदों के किसी दूसरी पार्टी में विलय हो या फिर शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़कर शिंदे गुट में विलय करना हो, यह शेड्यूल-10 के अनुसार सरासर गलत है।
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार देने के फैसले का प्रियंका चतुर्वेदी ने स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि मैं इस निर्णय का स्वागत करती हूं। जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है, लेकिन हमें राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उम्मीद है कि अंकित शर्मा के परिवार को पूर्ण न्याय मिलेगा और दोषसिद्धि बरकरार रहेगी।
–आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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