नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। भारत सरकार ने मंगलवार को बताया कि भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत का पहला दौर सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देना है।
भारत वर्तमान में मालदीव का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 771.76 मिलियन डॉलर पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 679.70 मिलियन डॉलर था। इस तरह एक साल में दोनों देशों के व्यापार में 13.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वाणिज्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, दोनों देशों के वार्ता दलों ने आठ अलग-अलग तकनीकी सत्रों में आठ प्रमुख नीति क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की। इन बैठकों के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस प्रगति हुई और दोनों पक्ष अनेक विषयों पर व्यापक सहमति बनाने में सफल रहे।
भारत की ओर से वार्ता का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि मालदीव के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार यूसुफ रिजा ने किया।
पिछले सप्ताह केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-मालदीव एफटीए वार्ता सहित विभिन्न द्विपक्षीय आर्थिक पहलों की प्रगति की समीक्षा की।
भारत और मालदीव इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इस अवसर पर दोनों देशों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों देशों ने पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत करने पर भी सहमति जताई, ताकि दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा किए जा सकें।
वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि प्रस्तावित एफटीए से दोनों देशों के बीच बाजार तक पहुंच आसान होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा, आर्थिक सहयोग मजबूत होगा और भारत व मालदीव दोनों की सतत आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष निष्पक्षता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों पर आधारित एक व्यापक, संतुलित और समग्र व्यापार समझौते की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं।
–आईएएनएस
डीबीपी
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