Delhi Janakpuri Bike Accident: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिरने से एक बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद राजधानी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
इस हादसे को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal on Janakpuri Accident) ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही के कारण हुई “हत्या” है।
ये हादसा नहीं, बल्कि हत्या है।
नोएडा की घटना से भी बीजेपी ने कुछ नहीं सीखा। घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदार रवैया अब बीजेपी सरकारों की पहचान बन चुका है, जिसका खामियाज़ा आम जनता भुगत रही है।
ईश्वर उस परिवार को शक्ति दें, जिसने सरकार की लापरवाही की वजह से अपना बच्चा खो दिया। https://t.co/6aQv4KKtYy
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 6, 2026
Delhi Janakpuri Bike Accident: जानें क्या बोले केजरीवाल?
केजरीवाल ने लिखा कि नोएडा में पहले हुई ऐसी घटनाओं से भी भाजपा सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब भाजपा शासित सरकारों की पहचान बन चुका है, जिसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मृत युवक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की और भगवान से उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

सौरभ भारद्वाज ने भी उठाए सवाल
इससे पहले दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके सौरभ भारद्वाज ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे में एक निर्दोष बाइक सवार गिर गया और वहां फंस गया। उनका दावा है कि युवक पूरी रात उसी गड्ढे में पड़ा रहा, जिससे उसकी मौत हो गई। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन सरकार ने उनसे कोई सीख नहीं ली। उन्होंने कहा कि अगर समय पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाते और गड्ढों को सही तरीके से ढंका जाता, तो शायद यह जान बच सकती थी।
प्रशासन की चुप्पी और जांच जारी
अब तक इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गड्ढा किस वजह से खुला था और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से खुदाई का काम चल रहा था, लेकिन गड्ढों को ठीक से ढंका नहीं गया था। रात के समय वहां रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिससे दुर्घटना होने का खतरा और बढ़ गया।
बढ़ती लापरवाही पर लोगों में गुस्सा
इस घटना के बाद आम लोगों में भी प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सड़क पर काम किया जाता है तो सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया जाता। कई लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से पहले भी जानें जा चुकी हैं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा। फिलहाल पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। वहीं राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। यह देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
यह भी पढ़ें: प्रशासन की लापरवाही से गहरे गड्ढे में गिर कर बाइकर की मौत, तड़पता रहा रातभर, नोएडा हादसे की दिलाई याद




















