Delhi : मॉनसून के दौरान हवाओं की वजह से पेड़ों की शाखाएं टूटने से डिस्काम की चुनौतियां काफी बढ़ जाती हैं। इस मौसम में करंट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को बिजली की लाइनों व पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर से उत्पन्न होने वाले करंट से बचाने के लिए दिल्ली की पावर डिस्कॉम ने पूरी तरह से कमर कस ली है।
बीएसईएस व टाटा पावर-डीडीएल ने सार्वजनिक सुरक्षा, निर्बाध बिजली आपूर्ति और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अपनी तैयारियों को और मजबूत किया है।
बीएसईएस ने उपभोक्ताओं को भी सलाह दी है कि वे सुरक्षा सलाहों का पालन करें ताकि माॅनसून को सुरक्षित व दुर्घटना.मुक्त बनाया जा सके। डिस्कॉम ने बताया कि माॅनसून एक्शन प्लान के तहत निचले इलाकों में लगे ट्रांसफॉर्मर के फाउंडेशन को ऊंचा करके उन्हें सुरक्षित स्तर पर लाया गया है। स्विचगियर्स के ऊपर छतें लगाई गई हैं, ताकि जलभराव के कारण स्विचगियर्स में नमी और सीपेज न आने पाए।
जहां भी संभव हो पेड़ों की शाखाओं की छंटाई का काम किया गया है। माॅनसून में लोगों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए ट्रांस फाॅर्मरों के आसपास जालियां लगाई गई हैं। इसके अलावाए ट्रेंचों की सफाई का काम भी किया गया है। वहीं टाटा पावर-डीडीएल के प्रवक्ता ने कहा कि मॉनसून को देखते हुए हमने अपने बिजली नेटवर्क के रखरखाव और निरीक्षण को और तेज किया है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे।
प्रमुख तैयारियां में बिजली के खंभों, वितरण ट्रांसफॉर्मरों, केबलों सहित सभी प्रमुख उपकरणों का व्यापक निरीक्षण एवं रखरखाव शामिल हैं। करंट लीकेज टेस्टिंग अभियान के तहत बिजली के खंभों, पीडब्ल्यूडी एवं एमसीडी के पोल, एटीएम, स्ट्रीट लाइट पोल, एमसीडी और डीडीए पार्कों की फेंसिंग, स्कूलों, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक परिसरों में विद्युत लीकेज की जांच शाामिल है।
इतना ही नहीं बाढ़ संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में 24×7 कार्यरत विशेष इमरजेंसी रेस्पांस टीमों की तैनाती की गई है। पब्लिक इंस्टॉलेशन सेफ्टी ऑडिट अभियान के तहत 5,300 से अधिक सार्वजनिक प्रतिष्ठानों जिनमें स्कूल, अस्पताल, दिल्ली जल बोर्ड के जल शोधन संयंत्र और बड़े कार्यालय परिसर शामिल हैं। इनका सुरक्षा ऑडिट पूरा किया गया है।
जलभराव से प्रभावित होने वाले सब-स्टेशनों की ऊंचाई बढ़ाई गई है, ताकि बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी बिजली आपूर्ति जारी रह सके। बिजली लाइनों पर पेड़ों के गिरने से होने वाली बाधाओं को रोकने के लिए पेड़ों की छंटाई एवं वनस्पति प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है।
बीएसईएस उपभोक्ता इन नंबरों पर करें संपर्क
बीएसईएस प्रवक्ता ने बताया कि बिजली के झटकों व करंट से संबंधित आपातकालीन शिकायतों के लिए बीवाईपीएल उपभोक्ता 19122 या 011 41999808 पर फोन कर सकते हैं और बीआरपीएल उपभोक्ता 19123 या 49516707 पर फोन कर सकते हैं।
टाटा पावर-डीडीएल ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना टोल-फ्री हेल्पलाइन: 19124,मोबाइल ऐप: टीपीडीडीएल कनेक्ट वव्हाट्सएप नंबर: 7303482071 पर दी जा सकती है। आपात स्थिति में डिस्कॉम की वेबसाइट पर भी सूचना दी जा सकती है।
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