Delhi : उत्तर रेलवे ने यात्रियों को बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऑपरेशन व राजस्व के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। उत्तर रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026–27 की प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के दौरान यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को भी पार करते हुए राजस्व में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की।
इस अवधि के दौरान वंदे भारत ट्रेनों में 1,47,462 यात्रियों ने यात्रा की जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 80,394 थी। इस प्रकार यात्री संख्या में 83% की वृद्धि दर्ज की गई। वंदे भारत ट्रेनों से प्राप्त आय 7.67 करोड़ से बढ़कर 13.21 करोड़ हो गई, जो 72% की वृद्धि को दर्शाती है। इस अवधि में प्रारंभिक यात्रियों की संख्या 11.43 करोड़ से बढ़कर 12.07 करोड़ हो गई, जो 5.6% की वृद्धि है। वहीं प्रारंभिक यात्री आय 3,083.42 करोड़ से बढ़कर 3,567.59 करोड़ हो गई, जो 15.7% की वृद्धि को दर्शाती है।
यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्तर रेलवे ने ‘ट्रेन्स ऑन डिमांड’ योजना के तहत 1,887 विशेष ट्रेनों का सफल संचालन किया जिससे उसे 185.52 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व अर्जित हुआ। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों को अधिक से अधिक आरक्षित सीटें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रतीक्षा सूची की नियमित निगरानी करते हुए विभिन्न ट्रेनों में 4,120 अतिरिक्त कोच लगाए गए।
इस पहल से न केवल यात्रियों को राहत मिली, बल्कि उत्तर रेलवे को 28.81 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त हुआ। तत्काल आरक्षण प्रणाली के बेहतर उपयोग के लिए उत्तर रेलवे ने प्रीमियम तत्काल कोटा एवं तत्काल कोटा अनुकूलन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया। जून 2026 में चयनित 15 वीकेंड ट्रेनों की 133 यात्राओं में 18,531 प्रीमियम तत्काल बर्थों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया, जिससे 1.02 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व अर्जित हुआ। इसके अतिरिक्त कम उपयोग में आने वाली 6,130 तत्काल बर्थों को सामान्य कोटा में परिवर्तित कर अधिक यात्रियों को लाभ दिया गया।
अनियमित यात्रा के 12.66 लाख मामले दर्ज
टिकट जांच अभियान के दौरान उत्तर रेलवे ने अप्रैल-जून 2026 में 12.66 लाख अनियमित यात्रा के मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 11.01 लाख थी। इस प्रकार मामलों में 14.99% की वृद्धि दर्ज की गई। टिकट जांच से प्राप्त राजस्व 72.60 करोड़ से बढ़कर 89.21 करोड़ हो गया, जो 22.88% की वृद्धि है।
रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में भी उत्तर रेलवे का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। टिकट जांच मामलों का लक्ष्य 10.84 लाख था, जबकि उपलब्धि 12.66 लाख रही, जो लक्ष्य से 1.82 लाख (16.79 प्रतिशत) अधिक है। इसी प्रकार टिकट जांच राजस्व का लक्ष्य 73.39 करोड़ था, जबकि वास्तविक उपलब्धि 89.21 करोड़ रही, जो लक्ष्य से ₹15.82 करोड़ जो 21.56% अधिक है।
तीन दिनों में दैनिक टिकट जांच आय 1 करोड़ से अधिक रही
टिकट जांच प्रणाली की बढ़ी हुई दक्षता का प्रमाण यह भी है कि अप्रैल-जून 2025 में केवल तीन दिनों में दैनिक टिकट जांच आय ₹1 करोड़ से अधिक रही थी, जबकि अप्रैल–जून 2026 में ऐसे दिनों की संख्या बढ़कर 49 हो गई। अखिल भारतीय स्तर पर टिकट जांच से अर्जित राजस्व के आधार पर जोनल रैंकिंग में उत्तर रेलवे ने अप्रैल एवं मई 2026 में तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि जून 2026 में पूरे भारतीय रेल में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की।
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