नई दिल्ली : छह महीने बाद दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार और भाजपा चुनावी मैदान में उतर चुकी है। इसी बीच दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी सोमवार को बैठक कर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है। राहुल गांधी के जन्मदिन (19 जून) से इसकी शुरूआत हो जाएगी। सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने अपने सिपहसलारों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर मंत्रणा की।
इस मौके पर मुख्य रूप से प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हारून युसूफ व राजेश लिलोठिया के साथ-साथ पूर्व मंत्री मंगत राम सिंघल और प्रदेश प्रवक्ता जितेन्द्र कोचर मौजूद थे। इस बैठक में मुख्य रूप से तीन बिन्दुओं पर चर्चा हुई। उसमें तय हुआ है कि अब शीला दीक्षित जिले स्तर पर जाकर कार्यकर्ताओं से मिलेंगी, साथ ही राहुल गांधी के नाम पर शुरू हुई पेड़ लगाओ अभियान के जरिए दिल्ली के लोगों से भी रूबरू होंगी। यानी की कांग्रेस भी अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। आने वाले कुछ समय में कांग्रेस के भीतर कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक बैठक में अधूरी पड़ी प्रदेश कार्यकारिणी पर भी चर्चा हुई। तय हुआ है कि जल्द ही इस कार्यकारी को पूरी कर दी जाएगी। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस कार्यकारिणी आवश्यकता पर बल दिया गया। इसके अलावा जिन मतदाताओं ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को वोट दिया कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता अब विधानसभा स्तर पर जाकर मतदाताओं को धन्यवाद देने निकलेगें।
वहीं दूसरी तरफ भले ही लोकसभा चुनावों में हार की समीक्षा के लिए बनी कमेटी के सामने सभी प्रत्याशी नहीं पहुंचे, लेकिन यह तय हो गया कि कमेटी जो रिपोर्ट देगी, उस रिपोर्ट पर प्रदेश संगठन में बदलाव तय है। कमेटी के सामने अभी तक दो प्रत्याशी ही पहुंचे जबकि इसमें सभी 14 जिलाध्यक्षों को भी पहुंचना था, लेकिन अभी तक सिर्फ 11 जिलाध्यक्ष ही पहुंचे। अब ब्लॉक अध्यक्षों की बारी है। उसके बाद समीक्षा कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित को सौंप देगी। उस रिपोर्ट के आधार पर भी विधानसभा चुनाव की आगे की रणनीति तय होगी।


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