गोल्डन इयर्स को ऐसा बनाएं खुशहाल

Summary :

उम्र बढऩे के साथ जिंदगी में कई बदलाव आते हैं। दोस्त और परिवार के बड़े धीरे-धीरे दूर होते जाते हैं, जिम्मेदारियां बदलती हैं और कभी – कभी अकेलापन भी महसूस होने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने जीवन के इस पड़ाव पर खुशी के छोटे-छोटे अवसर तलाशते रहें। बढ़ती उम्र को स्वीकार करें हर दिन हमारी उम्र बढ़ रही है और इसे रोकना संभव नहीं। इसलिए उम्र के साथ लडऩे के बजाय उसे स्वीकार करना बेहतर है। बढ़ती उम्र का मतलब जिंदगी के आनंद का खत्म होना नहीं है। सही जीवनशैली, सकारात्मक सोच और नियमित शारीरिक गतिविधि…

उम्र बढऩे के साथ जिंदगी में कई बदलाव आते हैं। दोस्त और परिवार के बड़े धीरे-धीरे दूर होते जाते हैं, जिम्मेदारियां बदलती हैं और कभी – कभी अकेलापन भी महसूस होने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने जीवन के इस पड़ाव पर खुशी के छोटे-छोटे अवसर तलाशते रहें। बढ़ती उम्र को स्वीकार करें हर दिन हमारी उम्र बढ़ रही है और इसे रोकना संभव नहीं। इसलिए उम्र के साथ लडऩे के बजाय उसे स्वीकार करना बेहतर है। बढ़ती उम्र का मतलब जिंदगी के आनंद का खत्म होना नहीं है। सही जीवनशैली, सकारात्मक सोच और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीया जा सकता है।

शरीर को रखें सक्रिय रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार वॉक, योग या हल्का व्यायाम करें। शरीर सक्रिय रहेगा तो मन भी प्रसन्न और ऊर्जावान रहेगा। खान-पान पर भी विशेष ध्यान दें। ज्यादा मसालेदार भोजन, मिठाइयों और असंतुलित आहार से बचें। उम्र बढऩे के साथ स्वाद से ज्यादा स्वास्थ्य को महत्व देना जरूरी है। रिटायरमेंट का मतलब जिंदगी से विदाई नहीं

खुश रहने के लिए खुद को व्यस्त और उपयोगी बनाए रखें। पढऩा, लिखना, संगीत, बागवानी, यात्रा या सामाजिक कार्य जैसी गतिविधियों से जुड़ सकते हैं। किसी जरूरतमंद की मदद करना भी मन को संतोष देता है। सबसे जरूरी बात यह है कि अपनी खुशी को पूरी तरह दूसरों पर निर्भर न करें। बच्चे और मित्र अपनी व्यस्तताओं में रहेंगे।

किसी को धन्यवाद कहना हो या माफी मांगनी हो तो देर न करें। उम्र के इस पड़ाव पर अपने रिश्ते ही सबसे बड़ा सहारा बनते हैं। छोटी-छोटी खुशियों को महसूस करना सीखें। सुबह की सैर, पुराने दोस्त का फोन या परिवार के साथ चाय का एक कप भी जिंदगी को खुशनुमा बना सकता है। आखिर खुश रहने का मंत्र यही है-जो मिला उसकी कद्र करें, जो नहीं मिला उसका दुख न पालें और जो समय मिला है, उसे शिकायतों में नहीं, मुस्कुराहट में बिताएं।

Vijay Maru