सकट चौथ पर तिजोरी में रख दें यह एक चीज, खिंची चली आएगी धन-दौलत! नोट करें पूजा का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त

Sakat Chauth 2026

Sakat Chauth 2026: आज सकट चौथ का व्रत है। हिंदू धर्म में सकट चौथ का काफी महत्व होता है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सकट चौथ के रूप में मनाया जाता है। इसे ‘संकष्टी चतुर्थी’ भी कहा जाता है। यह दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। विशेष रूप से महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु और खुशहाली के लिए पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं।

इस व्रत में शाम को विधि-विधान से पूजा की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत संपन्न माना जाता है। इस दिन प्रसाद के रूप में तिल-गुड़ के लड्डू, शकरकंद और फल अर्पित किए जाते हैं। इस दिन कुछ खास उपाय करने से धन-दौलत में बढ़ोतरी होती है और जीवन में समस्याओं से छुटकारा मिलता है। साथ ही Sakat Chauth 2026 Par Kya kare Kya na Kare, यह भी जानेंगे।

Sakat Chauth 2026: सकट चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त

  • लाभ मुहूर्त: सुबह 11:08 से दोपहर 12:27 तक।
  • अमृत मुहूर्त: दोपहर 12:27 से दोपहर 01:45 तक।
सकट चौथ की मुख्य पूजा शाम को प्रदोष काल में करना श्रेष्ठ होता है। इसके लिए शाम 4:39 से 6:39 तक का समय सबसे उत्तम है।

Sakat Chauth 2026 ke Upay: सकट चौथ के 3 अचूक उपाय

Sakat Chauth 2026
Sakat Chauth 2026 (Image: AI Generated)
  • पूजा के समय भगवान गणेश के सम्मुख दो सुपारी और दो इलायची रखें। पूर्ण विधि-विधान से पूजन करें। माना जाता है कि इससे गणेश जी की विशेष कृपा मिलती है और अटके हुए काम पूरे होने लगते हैं।
  • एक लाल कपड़ा बिछाकर उस पर श्रीयंत्र स्थापित करें और उसके मध्य में एक सुपारी रखें। पूजा संपन्न होने के बाद इस श्रीयंत्र और सुपारी को अपनी तिजोरी में रख दें। इससे घर में बरकत आती है और आर्थिक पक्ष मजबूत होता है।
  • चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल में लाल चंदन, फूल, कुश और अक्षत मिलाएं। इस उपाय से परिवार में खुशहाली और मानसिक शांति का वास होता है।

Sakat Chauth 2026 Par Kya kare Kya na Kare: सकट चौथ पर भूलकर भी न करें ये 4 काम

Sakat Chauth 2026
Sakat Chauth 2026 (Image: AI Generated)
  • इस दिन काले रंग के कपड़े न पहनें। हिंदू धर्म में शुभ कार्यों और व्रत के दौरान काले रंग को अशुभ माना जाता है। इस दिन लाल, पीले और हरे रंग के वस्त्र को शुभ मानना जाता है।
  • चंद्र देव को दूध और चावल मिश्रित जल से अर्घ्य देना शुभ है, लेकिन ध्यान रखें कि अर्घ्य का जल आपके पैरों पर न गिरे। ऐसा होना अशुभ माना जाता है।
  • गणेश जी की पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग भूलकर भी न करें। उन्हें केवल ‘दूर्वा’ (घास) ही अर्पित करनी चाहिए।
  • सकट चौथ पर तेल, हल्दी और नुकीली वस्तुओं (जैसे चाकू या कैंची) का दान करने से बचना चाहिए। धार्मिक दृष्टि से इस दिन इन चीजों का दान वर्जित है।

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