चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार सुबह ग्यारह बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद उस पर चर्चा करवाई जायेगी। साथ ही लोकसभा और विधानसभा में अनुसूचित जाति-जनजाति आरक्षण दस साल और बढाए जाने के लिए संसद द्वारा पिछले दस दिसम्बर को पारित 126 वें संविधान संशोधन की पुष्टि के लिए प्रस्ताव पारित कराया जाएगा।
तीन दिन के विशेष सत्र की रूपरेखा सोमवार को होने वाली कार्य सलाहकार समिति की बैठक में अंतिम रूप से तय की जायेगी। लेकिन विशेष सत्र की पूर्व संध्या पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि विशेष सत्र में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा कराई जायेगी। इस चर्चा में भाग लेने के दौरान सदस्य अपनी बात कह सकेंगे। उन्होंने बताया कि पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर शुरू की गई चर्चा को दूसरे दिन की बैठक में जारी रखते हुए चर्चा का जवाब मुख्यमंत्री द्वारा दिया जाएगा।
गुप्ता ने बताया कि दूसरे दिन ही दोपहर बाद तीन बजे विधायकों के प्रशिक्षण के लिए सत्र का उदघाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे। प्रशिक्षण में हरियाणा के सभी दस लोकसभा सदस्य, चार राज्यसभा सदस्य और सभी नब्बे विधायक आमंत्रित किए गए है। प्रशिक्षण लोकसभा के विशेषज्ञो द्वारा दिया जाएगा। इनमें लोकसभा सचिवालय के निदेशक विनय मोहन,जयकुमार टी और पुलिग बी भूटिया शामिल है।
ये विशेषज्ञ विधायी कार्य, सरकारी और निजी सदस्य विधेयक,बजट प्रक्रिया और सदन की कमेटियों के बारे में जानकारी देंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के महत्व और प्रश्नकाल के बारे में जानकारी दी जायेगी। तीसरे दिन 22 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला दोपहर बाद तीन बजे प्रशिक्षण का समापन करेंगे। गुप्ता ने बताया कि ये सारे कार्यक्रम विधानभवन में ही होंगे।


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