Aaj Ka Panchang 12 July 2026: आज, 12 जुलाई 2026, रविवार को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार, दिन की शुरुआत रोहिणी नक्षत्र से होगी, जिसके बाद मृगशीर्षा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। वहीं, वृद्धि योग और बाद में ध्रुव योग का संयोग भी बनेगा। चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में गोचर करेंगे, जिससे कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। यदि आप पूजा-पाठ, यात्रा या किसी मांगलिक कार्य की योजना बना रहे हैं, तो शुभ और अशुभ समय की जानकारी अवश्य जान लें।
आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 12 July 2026
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
शक संवत: 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास: आषाढ़
अमांत मास: ज्येष्ठ
तिथि
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी – 12 जुलाई प्रातः 02:04 बजे से रात 10:30 बजे तक
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी – 12 जुलाई रात 10:30 बजे से 13 जुलाई शाम 06:49 बजे तक
नक्षत्र
रोहिणी – 12 जुलाई सुबह 08:29 बजे तक
मृगशीर्षा – 12 जुलाई सुबह 08:29 बजे से 13 जुलाई सुबह 05:41 बजे तक
आर्द्रा – 13 जुलाई सुबह 05:41 बजे से 14 जुलाई रात 02:51 बजे तक
योग
वृद्धि योग – 12 जुलाई रात्रि 12:05 बजे से शाम 08:05 बजे तक
ध्रुव योग – 12 जुलाई शाम 08:05 बजे से 13 जुलाई शाम 04:00 बजे तक
सूर्योदय और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 05:53 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:12 बजे
चंद्रोदय: प्रातः 03:05 बजे
चंद्रास्त: शाम 05:26 बजे
अशुभ समय
राहुकाल: शाम 05:32 बजे से 07:11 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 12:32 बजे से 02:12 बजे तक
कुलिक काल: दोपहर 03:52 बजे से 05:32 बजे तक
दुर्मुहूर्त: शाम 05:25 बजे से 06:18 बजे तक
वर्ज्यम्: दोपहर 01:26 बजे से 02:51 बजे तक
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:59 बजे तक
अमृत काल: सुबह 05:36 बजे से 07:02 बजे तक तथा रात 09:54 बजे से 11:19 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:17 बजे से 05:05 बजे तक
आज के शुभ योग
Aaj Ka Panchang 12 July 2026: आज सुबह सूर्योदय तक अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग का प्रभाव रहेगा। ये दोनों योग शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। इसके अलावा दिन में वृद्धि योग भी रहेगा, जो नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, पूजा-पाठ और शुभ संकल्पों के लिए अनुकूल माना जाता है।
यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य, धार्मिक अनुष्ठान या नई शुरुआत की योजना बना रहे हैं, तो अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल का चयन करना शुभ माना जाएगा। वहीं राहुकाल, यमगण्ड और दुर्मुहूर्त के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।























