जम्मू, 14 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू की एक अदालत ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की अर्जी पर पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तार और हिरासत में पूछताछ जरूरी है। इस महीने दायर एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में एनआईए द्वारा हाफिज को मास्टरमाइंड बताए जाने के बाद वारंट जारी किया गया।
हाफिज सईद के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 75 के तहत गैर-जमानती वारंट जारी करने की अर्जी एनआईए के इंस्पेक्टर अरुण शर्मा (एआईओ) ने स्पेशल कोर्ट में दाखिल की है।
आरोपी हाफिज मुहम्मद सईद को हाफिज मुहम्मद साहिब, हाफिज मोहद्दद सैयद, हाफिज मोहम्मद, हाफिज सईद, हाफिज मुहम्मद सईद, मुहम्मद सैयद और मुहम्मद सईद के नामों से भी जाना जाता है। हाफिज कमाल-उद-दीन का बेटा है और सरगोधा, पंजाब, पाकिस्तान का रहने वाला है। यूएपीए 1967 के तहत एक घोषित आतंकवादी है और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन एलईटी का संस्थापक है। वह पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चला रहा है। आरोपी जानबूझकर अपनी गिरफ्तारी से बच रहा है।
एनआईए इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू करने और जांच के दौरान उसके खिलाफ कानूनी कदम उठाने के लिए उसके खिलाफ बिना तारीख वाला गैर-जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध कोर्ट से किया।
कोर्ट ने कहा कि उसने एनआईए के अतिरिक्त जांच अधिकारी (एआईओ) की बात सुनी है और अर्जी की सामग्री को देखा है। कोर्ट ने कहा, “निष्पक्ष, पूरी और प्रभावी जांच के लिए आरोपी हाफिज की गिरफ्तरी और हिरासत में पूछताछ जरूरी है।”
कोर्ट ने आदेश दिया, “इस मामले में आरोपी हाफिज मुहम्मद सईद के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है। इसे तय कानून और प्रक्रिया के तहत तामील कराने के लिए डीआईजी एनआईए जम्मू को भेजा जाता है।”
कोर्ट के आदेश में कहा गया, “पूरी कार्रवाई के बाद इस अर्जी का निपटारा कर दिया गया है और इसे रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है।”
गौरतलब है कि 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। एनआईए ने दिसंबर 2025 में इस मामले की पहली चार्जशीट दाखिल की थी।
–आईएएनएस
ओपी/एएस
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