कोच्चि, 14 जुलाई (आईएएनएस)। केरल हाईकोर्ट ने वर्ष 2017 के चर्चित अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य दोषी पल्सर सुनी की उस याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपनी अपील पर अंतिम फैसला आने तक सजा पर रोक (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) लगाने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में फैसला लेते समय पीड़िता की गरिमा और सम्मान को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने पल्सर सुनी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। उसने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए सजा रद्द करने की अपील दायर की है, जिस पर अभी सुनवाई लंबित है। इसी दौरान उसने अपील के निपटारे तक सजा पर रोक लगाने की मांग की थी।
हालांकि, पीड़िता ने अदालत में इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि यह एक जघन्य अपराध है और विस्तृत सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सजा पर रोक लगाई जाती है तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और अपराध की गंभीरता कम होकर दिखाई देगी।
राज्य सरकार और अभियोजन पक्ष ने भी याचिका का विरोध किया। अभियोजन ने अदालत को बताया कि उसने आरोपी की सजा बढ़ाने की मांग करते हुए भी एक अपील दायर की है, जो फिलहाल विचाराधीन है।
सरकार ने अदालत को बताया कि पल्सर सुनी आदतन अपराधी है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर रहा है। उसने कई बार जमानत के लिए अदालत का रुख किया और लगातार जमानत याचिकाएं दाखिल करने पर अदालत उस पर जुर्माना भी लगा चुकी है।
अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि पहले एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के महज एक महीने के भीतर ही पल्सर सुनी एक अन्य आपराधिक मामले में आरोपी बना था, जिससे उसके बार-बार अपराध करने की प्रवृत्ति स्पष्ट होती है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पल्सर सुनी की सजा पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि इस मामले में अभिनेता दिलीप, जिन्हें 2017 की घटना के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, बाद में अदालत ने अन्य कुछ आरोपियों के साथ बरी कर दिया था।
–आईएएनएस
डीएससी
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