लद्दाख में बने पांच नए जिले, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने किया ऐलान

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श्रीनगर, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। लद्दाख के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने सोमवार को लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन की घोषणा की, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में जिलों की संख्या मूल रूप से दो से बढ़कर सात हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख के उपराज्यपाल ने नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास नामक पांच नए जिलों के गठन की घोषणा की है, जिससे जिलों की कुल संख्या दो (लेह और कारगिल) से बढ़कर सात हो गई है। इस कदम का उद्देश्य प्रशासन का विकेंद्रीकरण करना, दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना और बेहतर शासन के…

श्रीनगर, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। लद्दाख के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने सोमवार को लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन की घोषणा की, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में जिलों की संख्या मूल रूप से दो से बढ़कर सात हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख के उपराज्यपाल ने नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास नामक पांच नए जिलों के गठन की घोषणा की है, जिससे जिलों की कुल संख्या दो (लेह और कारगिल) से बढ़कर सात हो गई है।

इस कदम का उद्देश्य प्रशासन का विकेंद्रीकरण करना, दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना और बेहतर शासन के लिए लंबे समय से लंबित स्थानीय मांगों को पूरा करना है।

पांच नए जिलों में से नुब्रा अपने रणनीतिक स्थान और उच्च ऊंचाई के लिए जाना जाता है, जिसका उद्देश्य पर्यटन अवसंरचना का विकास करना है।

शाम अपने क्षेत्र में स्थानीय शासन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करता है। चांगथांग प्राचीन जनजातियों के संरक्षण और सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने को प्राथमिकता देता है।

जांस्कर, सड़क संपर्क और पर्यटन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करता है।

द्रास, बुनियादी ढांचे के निर्माण और सेना के अड्डे को सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है और अपने रणनीतिक महत्व के लिए जाना जाता है।

इस पहल का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए शासन व्यवस्था को सुलभ बनाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना है।

इस निर्णय को मूलरूप से अगस्त 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया था और अप्रैल 2026 में आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया गया था।

इन प्रशासनिक परिवर्तनों का उद्देश्य भौगोलिक रूप से विशाल, लेकिन कम आबादी वाले केंद्र शासित प्रदेश के भीतर स्थित विविध क्षेत्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करना है।

लद्दाख के दो प्रतिनिधि निकाय, लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) 2021 से ही राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल किए जाने, नौकरी की सुरक्षा और लोक सेवा आयोग की मांग को लेकर सक्रिय रूप से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

चेरिंग दोरजे और सोनम वांगचुक जैसे कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में एलएबी केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ इन मांगों पर बातचीत करने के लिए केडीए के साथ मिलकर काम करता है।

24 सितंबर, 2025 को लद्दाख में तनाव उस समय बढ़ गया जब पुलिस ने आगजनी और पत्थरबाजी कर रही एक उपद्रवी भीड़ पर गोली चलाई।

लेह में पुलिस की गोलीबारी में चार लोग मारे गए। इसके बाद अधिकारियों ने कर्फ्यू लगा दिया और कम से कम 50 लोगों को हिरासत में लिया, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ झड़प की और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय, मुख्य कार्यकारी पार्षद के कार्यालय और एक पुलिस वाहन में आग लगा दी। पुलिस अधिकारियों सहित दर्जनों लोग घायल हो गए।

क्लाइमेट एक्टिविटी सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर राजस्थान की एक जेल में भेज दिया गया था। उन्हें इस साल 14 मार्च को रिहा कर दिया गया।

–आईएएनएस

डीकेपी/

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