India-Korea Summit: भारत-कोरिया रिश्तों में नई उड़ान, रक्षा और डिजिटल सहयोग पर जोर, जानें! किन-किन समझौतों पर बनी सहमति

India-Korea Summit

India-Korea Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने सोमवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। यह दोनों नेताओं की तीसरी मुलाकात थी, इससे पहले वे जी7 शिखर सम्मेलन 2025 और जी20 समिट 2025 के दौरान मिल चुके हैं।

रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती

राष्ट्रपति ली जे म्युंग की इस राजकीय यात्रा के दौरान भारत और कोरिया गणराज्य ने अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए एक संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण पेश किया। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को नई दिशा देना है।

समुद्री और औद्योगिक सहयोग पर जोर

इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए अनेक समझौता ज्ञापन (एमओयू) और ढांचे स्थापित किए गए। दोनों देशों ने जहाज निर्माण, शिपिंग और समुद्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में व्यापक ढांचे पर सहमति जताई। साथ ही बंदरगाह विकास, औद्योगिक सहयोग समिति की स्थापना और इस्पात आपूर्ति श्रृंखला में तकनीकी व व्यापारिक सहयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

ऊर्जा, जलवायु और पर्यावरण में सहयोग

ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता जैसे अहम क्षेत्रों में संयुक्त वक्तव्य जारी किए गए। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और पेरिस समझौता के अनुच्छेद 6.2 के तहत सहयोग को औपचारिक रूप दिया गया।

डिजिटल और आर्थिक साझेदारी का विस्तार

डिजिटल क्षेत्र में “भारत-कोरिया डिजिटल ब्रिज” स्थापित करने का निर्णय लिया गया। वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संस्थानों के बीच समझौते हुए। साथ ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को उन्नत करने के लिए वार्ता फिर से शुरू करने की घोषणा की गई।

सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को बढ़ावा

दोनों देशों ने 2026-2030 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर सहमति जताई। रचनात्मक उद्योगों, खेल और लघु व मध्यम उद्यमों (SMEs) में सहयोग को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।

वैश्विक मुद्दों पर साझा पहल

भारत और कोरिया ने आर्थिक सुरक्षा संवाद शुरू करने, विशिष्ट आगंतुक कार्यक्रम (DVP) स्थापित करने और जलवायु परिवर्तन, आर्कटिक तथा समुद्री सहयोग जैसे वैश्विक मुद्दों पर संवाद बढ़ाने का फैसला किया।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मैत्री वर्ष की घोषणा

कोरिया गणराज्य ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने की घोषणा की, जबकि भारत वैश्विक हरित विकास संस्थान से जुड़ने पर सहमत हुआ।
साथ ही वर्ष 2028-29 को भारत-कोरिया मैत्री वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

India-Korea Summit: यह शिखर वार्ता भारत और कोरिया के बीच बहुआयामी सहयोग को नई गति देने और वैश्विक मंच पर साझेदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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