इसरो ने अपने गगनयान मिशन को लेकर लगभग तैयारियां पूरी कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मिशन पर पल पल की जानकारी ले रहे हैं। गगनयान मिशन की प्रगति का आकलन करने के लिए पीएम मोदी ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमे उन्होंने इसरो के वैज्ञानिक से भी बात की थी। चांद की साउथ पोल की जमीन छुम कर भारत की स्पेस एजेंसी इसरो ने एक ऐसे इतिहास को रच दिया है, जिसे पहले किसी देश ने सोचा भी नहीं था।
अब कल यानी 21 अक्टूबर इसरो अपने महत्वकांशी प्रोजेक्ट गगनयान के तहत पहली टेस्टिंग उड़ान श्रीहरिकोटा से सुबह 7 से 9 बजे के बीच करेगा। जिसके लिए तैयारी चल रही है। इस टेस्टिंग में क्रू मॉड्यूल का टेस्ट किया जाएगा। जिसमें क्रू एस्केप मैकेनिज्म भी शामिल है। ये मैकेनिज्म इस टेस्टिंग का सबसे अहम पल है। अगर ये सफल होता है, तो काफी बड़ी कामयाबी होगी। इस पूरे मिशन पर प्रधानमंत्री मोदी खुद भी बैठक कर जानकारी ले रहें है। जिसके बाद इसरो चीफ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य पर इसरो आगे बढ़ रहा है।

मिशन गगनयान पर इसरो चीफ ने कहा गगनयान मिशन के तहत टीवी-डी1 21 अक्टूबर को अपने पहले परीक्षण के लिए उड़ान भरेगा। ये टेस्टिंग श्रीहरिकोटा से सुबह 7 से 9 बजे के बीच किया जाएगा। साथ ही इस टेस्टिंग के बाद और भी तीन परीक्षण वाहन मिशन की टेस्टिंग की जाएगी। आगे बताया गया पहली परीक्षण उड़ान के परिणामों के आधार पर ही अन्य टेस्टिंग किए जाएंग इस दौरान क्रू मॉड्यूल का परीक्षण किया जाएगा। जिसमें क्रू एस्केप मैकेनिज्म भी शामिल है। आपको बता दें कि गगनयान के इस हिस्से का उपयोग करके तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

ISRO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘मिशन गगनयान : टीवी-डी1 परीक्षण उड़ान 21 अक्टूबर, 2023 को सुबह सात बजे से नौ बजे के बीच श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से निर्धारित है.’ इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा था कि 21 अक्टूबर को टीवी-डी1 परीक्षण उड़ान के बाद गगनयान कार्यक्रम के तहत तीन और परीक्षण यान मिशन शुरू किए जाएंगे. बता दें कि इसरो ने हाल ही में चंद्रयान 3 और आदित्य एल वन को सफलतापूर्वक चांद और सूरज के पास भेजा था।


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