परिसीमन को लेकर राहुल गांधी बोले- ‘कम की जा रही दक्षिण की ताकत’, भाजपा का तंज- डर गईं वंशवादी पार्टियां

Summary :

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के परिसीमन पर दिए बयान से बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे दक्षिण भारत की ताकत कम होगी, जिस पर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि वंशवादी पार्टियां डर रही हैं।

Rahul Gandhi On Delimitation

Rahul Gandhi On Delimitation : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा परिसीमन प्रक्रिया को लेकर दिए गए एक बयान के बाद देश में सियासत तेज हो गई है। चेन्नई के पास मामल्लापुरम में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रस्तावित परिसीमन के जरिए तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रभाव को कम करना चाहती है।

उन्होंने तमिलनाडु की क्षेत्रीय और देश की अन्य पार्टियों से संसद में एकजुट होकर इस कदम का विरोध करने की अपील की। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने तीखा पलटवार किया है, जबकि कांग्रेस सांसदों ने परिसीमन को देश की एकता और राज्यों के अधिकारों के लिए बड़ा खतरा बताया है।

दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय

Rahul Gandhi On Delimitation

कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाते हुए सरकार को घेरा है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने पत्रकारों से कहा, “परिसीमन को लेकर हम बिल्कुल स्पष्ट हैं कि अगला हफ्ता तमिलनाडु के इतिहास में अहम होगा। तमिलनाडु की आवाज कम नहीं होनी चाहिए। परिसीमन तमिलनाडु के खिलाफ है। पहले भी तमिलनाडु के सभी 40 सांसदों ने इस परिसीमन के खिलाफ वोट किया था।”

उन्होंने आगे कहा, “आप तमिलनाडु के हर सांसद से पूछिए कि वे परिसीमन को लेकर क्या करने वाले हैं। मैं भी उन सांसदों में से एक हूं और कह सकता हूं कि मैं इसके खिलाफ वोट करूंगा।” वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि परिसीमन देश की एकता के लिए बड़ी चुनौती बनेगा। यह सभी दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय होगा।

दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भी इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा, “मैं परिसीमन के खिलाफ हूं और इसीलिए खिलाफ हूं, क्योंकि असम में जिस तरह से किया गया है। वहां बीजेपी की सरकार है और वे वोट के नजरिए से कर रहे हैं, प्रतिनिधित्व के नजरिए से नहीं, पूरी तरह वोट के नजरिए से।”

भाजपा का पलटवार

भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मैं राहुल गांधी को बताना चाहूंगा कि हमने बार-बार स्पष्ट किया है कि दक्षिणी राज्यों के साथ-साथ हर राज्य में सीटों की संख्या आनुपातिक आधार पर बढ़ेगी।”

उन्होंने तंज कसा कि परिसीमन के मुद्दे से सबसे ज्यादा प्रभावित वंशवादी पार्टियां हैं, जिन्हें डर है कि सीटों की संख्या बढ़ने और नए युवाओं व महिलाओं के आने से उनकी पकड़ कमजोर हो जाएगी।

“विदेशी ताकतों के इशारों पर नाचते हैं” – केशव प्रसाद मोर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “राहुल गांधी हरसंभव कोशिश कर रहे हैं कि सरकार कोई बड़ा काम, कोई अच्छा काम या देशहित का काम न कर पाए, क्योंकि वह विदेशी ताकतों के इशारे पर नाचते हैं लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुने गए सांसद ये सारी बातें समझते हैं।”

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा, “कांग्रेस को लगता है कि अगर परिसीमन हुआ तो वे अपनी जगह खो देंगे। आज कुछ लोकसभा सीटों की आबादी 50 लाख है, जबकि कुछ में सिर्फ 1 लाख लोग हैं। इसलिए यह प्रक्रिया करनी ही होगी। परिसीमन होना चाहिए।”

इसके अलावा जेडीयू नेता नीरज कुमार सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर संविधान के दायरे में बहस होनी चाहिए, इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। वहीं भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने राहुल गांधी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और अपरिपक्व करार दिया।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।