सीजेपी का राष्ट्रव्यापी आंदोलन समाप्त, सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच बनी बात

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नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की सभी मांगे मान ली हैं, जिसके बाद सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। सीजेपी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी की सभी मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं, जिनमें नीट परीक्षा के पेपर लीक से संबंधित आत्महत्याओं के पीड़ितों के परिवारों को अधिकतम…

नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की सभी मांगे मान ली हैं, जिसके बाद सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।

सीजेपी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी की सभी मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं, जिनमें नीट परीक्षा के पेपर लीक से संबंधित आत्महत्याओं के पीड़ितों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा दिया जाए।

केंद्र सरकार और एनडीए शासित राज्यों द्वारा दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी, और भविष्य में इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सीजेपी के 5 सूत्रीय परीक्षा सुधार चार्टर पर सरकार विचार करेगी, और सीजेपी इन सुधारों पर आगे चर्चा करने के लिए सरकार से मुलाकात करेगी।

इससे पहले सरकार से बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हमने सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन राउंड की बातचीत की। जंतर-मंतर पर हमारा प्रोटेस्ट, जो कई दिनों से चल रहा था, हमारी तीन मुख्य मांगें थीं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ फाइल किए गए सभी लीगल केस, एफआईआर वापस ली जाएं और प्रदर्शनकारियों या आयोजकों के खिलाफ भविष्य में कोई केस फाइल नहीं किया जाए।

सीजेपी ने कहा कि हमारी मांग थी कि नीट पेपर न होने के बाद जिन परिवारों ने अपनों को खो दिया, उन्हें 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। अभी कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है। इसका मतलब है कि हमारी पहली डिमांड मान ली गई है। हमारी दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं। सरकार ने वह मांग भी मान ली है। जल्द ही एफआईआर वापस ले ली जाएंगी।

–आईएएनएस

एमएस/

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