जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण बड़ा लैंडस्लाइड (भूस्खलन) होने की खबर सामने आई है। यह घटना 540 मेगावाट के क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास हुई, जहां अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर नीचे आ गए। देखते ही देखते पूरा इलाका मलबे से भर गया और वहां खड़े कई वाहन उसकी चपेट में आ गए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लैंडस्लाइड इतना तेज था कि कई गाड़ियां मलबे के नीचे दब गईं। कुछ वाहनों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मलबा हटाने का काम तेजी से जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों की कोशिश है कि जल्द से जल्द सड़क को साफ किया जाए और मलबे में फंसे वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
बचाव टीम पूरे इलाके की निगरानी कर रही है ताकि किसी तरह की दूसरी दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भी भेजे जा सकते हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले समय में भी किश्तवाड़ और आसपास के इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम खराब होने पर घरों से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से भी गैर-जरूरी यात्रा नहीं करने को कहा है। यदि यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
इसके अलावा लोगों से यह भी कहा गया है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन लगातार रख रहा है नजर

किश्तवाड़ में हुई इस घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रभावित इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है और हालात पर हर पल नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। यदि मौसम और खराब होता है तो जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा और राहत के इंतजाम भी किए जाएंगे।
प्रशासन ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। साथ ही कहा है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करें और बिना जरूरत जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचें। इससे किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सकता है।























