मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कुंवर विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बताने वाले बयान पर तीसरी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। शुक्रवार को वीडियो जारी कर उन्होंने कहा, “यह मेरी भाषाई भूल थी। मेरा उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। मैं भारतीय सेना, बहन सोफिया कुरैशी और देशवासियों से क्षमा चाहता हूं।” मंत्री ने कहा कि उनका राष्ट्र और सेना के प्रति हमेशा सम्मान रहा है, लेकिन पहलगाम में हुई घटना से विचलित होकर उन्होंने भावनाओं में बहकर यह बयान दे दिया।
तीसरी बार मांगी माफी
विजय शाह की माफी ऐसे समय आई है जब उनके बयान पर देशभर में विरोध हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट में 19 मई को सुनवाई के दौरान अदालत ने शाह की माफी को खारिज कर दिया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “कभी-कभी माफी सिर्फ बचने के लिए मांगी जाती है, यह मगरमच्छ के आंसू जैसी लगती है। आप पब्लिक फिगर हैं, आपको जिम्मेदारी से बोलना चाहिए।” अदालत ने कहा कि शाह के बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की जाएगी। टीम में एक IG रैंक का अधिकारी और एक महिला अधिकारी भी होंगी।
क्या कहा था विजय शाह ने?
11 मई को इंदौर के महू में ‘हलमा’ कार्यक्रम के दौरान विजय शाह ने कहा था, “उन्होंने हमारे हिंदुओं को नंगा कर-कर के मारा, और मोदी जी ने उनकी बहन को उनके घर भेजा… अब मोदी जी कपड़े तो नहीं उतार सकते थे, इसलिए उनकी जाति की बहन को भेजा…”। यह बयान सीधे तौर पर कर्नल सोफिया कुरैशी की ओर इशारा करता था, जो सेना में उच्च पद पर हैं और ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा ले चुकी हैं।
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बयान के बाद से सार्वजनिक जीवन से दूरी
मंत्री शाह 15 मई से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। सूत्रों के अनुसार, वे भोपाल में हैं और केवल करीबी मित्रों और वकीलों से मिल रहे हैं। वे न तो मंत्रालय गए हैं और न ही किसी कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। माना जा रहा है कि वे एसआईटी की रिपोर्ट आने तक खुद को सार्वजनिक मंचों से दूर रखेंगे


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