आजसू पार्टी का सहयोगी संगठन अखिल झारखण्ड महिला संघ का एक पांच सदस्यसीय प्रतिनिधिमंडल राज्य में पूर्ण शराबंदी को लेकर राज्यपाल से मिलकर स्मार पत्र दिया। महामहिम ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से लिया और इस संदर्भ में राज्य सरकार को अवगत कराने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से मांग की है कि राज्य में शराब पीने से बड़ी संख्या में हो रही मौत से सबक लेते हुए राज्य में अविलम्ब शराबबंदी लागू होनी चाहिए। शराब समाज को अंधकार में धकेलने का प्रमुख वाहक है।
शराब से परिवार, समाज, और राज्य का सेहत खराब होता है। जब गुजरात और बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हो सकता है तो झारखण्ड में भी लागू किया जा सकता है।गांवों में तथा हाट-बाजार में हर दसवें कदम पर शराब बनती-बिकती है और सरकार कहती है कि नशामुक्त गांव को एक लाख का इनाम दिया जायेगा।
ये बात समझ से परे है। नेशनल और स्टेट हाइवे से शराब दुकानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बंद किये जाने के बाद उसे गली-मोहल्ले और बस्ती में खोला जा रहा है, इस कारण रोज टकराव हो रहा है। झारखंड में अपराध और महिला हिंसा की जड़ भी यही शराब है। तब भी सरकार शराब बंद करने से बच रही है। प्रतिनिधि मंडल में महिला प्रेदश अध्यक्ष वायलेट कच्छप, महिला प्रेदश उपाध्यक्ष पार्वती देवी, महिला प्रेदश उपाध्यक्ष शोभा पाल, रांची जिला महिला जिलाध्यक्ष रीना केरकेट्टा, रांची जिला महिला उपाध्यक्ष फूलकुमारी देवी थी।


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