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लोकतंत्र में किसी को भी हिंसा का अधिकार नहीं

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उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आतंकवादियों और माओवादियों पर प्रहार करते हुए आज कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी हिंसा का अधिकार नहीं है क्योंकि किसी भी समस्या का समाधान बुलेट से नहीं बैलेट से ही संभव है। नायडू ने रांची में ‘रांची स्मार्ट सिटी’ के भूमि पूजन के बाद अपने संबोधन में कहा, ”लोकतंत्र में किसी को भी हिंसा का अधिकार नहीं है। गोली किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। अलबथा मताधिकार (बैलेट) से ही लोकतंत्र में हर समस्या का समाधान संभव है।” उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों को कभी भी प्रोत्साहन नहीं देना चाहिये। प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि विकास के लिये शांति आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान विचार-विमर्श से हो सकता है। हिंसा की कोई आवश्यकता नहीं। जनतंत्र में जनता ही सरकार चलाती है। आप अपना मतदान करके अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं। ये आपकी आकांक्षाओं के अनुसार सरकार चलाते हैं। नायडू ने इशारों में माओवादियों पर हमला बोलते हुए कहा, ”यदि आप को लगता है कि आपकी विचारधारा बहुत अच्छी है और यह जनहित में है तो डर किस बात का। दम है तो आप जनता को अपनी विचारधारा समझायें और चुनाव की प्रक्रिया में शामिल होकर जनता का विश्वास जीत लें। सरकार चलायें। लेकिन यह सब बंदूक से नहीं मताधिकार से करना होगा।”

नायडू ने कहा, ”आखिर इस देश और दुनिया में ‘मानवाधिकार’ किसके लिए हैं? मानव मात्र के लिए अथवा सिर्फ माओवादियों और आतंकवादियों के लिए हैं?” उन्होंने कहा, ”कुछ लोग सिर्फ माओवादियों और आतंकवादियों के मानवाधिकार के लिए आंसू बहाते हैं। आतंकवादियों और माओवादियों की हिंसा में मारे गये निर्दाेष लोगों और सुरक्षा बलों के लिए उनके आंसू नहीं निकलते। यह ठीक नहीं है।”

उपराष्ट्रपति ने कहा कि झारखंड में सरकार ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता पायी है और इस समस्या पर काफी कुछ नियंत्रित कर लिया है। इस मामले में राज्य सरकार को केन्द्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिला है। उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र के लिए शांति परमावश्क है। आम जनता का जनादेश प्राप्त करने के लिए प्रतीक्षा करना भी आना चाहिए।” उन्होंने झारखंड की जनता का शांतिपूर्वक रांची स्मार्ट सिटी को नियत समय में बनाकर देश के सामने आदर्श पेश करने के लिए आह्वान किया।

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