Nitesh Rane on TCS Controversy: नासिक की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) से जुड़ा एक विवाद इन दिनों चर्चा में है। इस मामले में कुछ कर्मचारियों पर धर्मांतरण से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसी बीच महाराष्ट्र के कणकवली से बीजेपी विधायक Nitesh Rane का बयान सामने आया है, जिसने इस मुद्दे को और गरमा दिया है। नासिक स्थित TCS के कुछ कर्मचारियों पर आरोप है कि वे कथित रूप से धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हैं। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए नितेश राणे ने कट्टरपंथ को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग हर मुद्दे को “जिहाद” से जोड़ते रहेंगे और हिंदू समाज को निशाना बनाएंगे, तो इसका असर समाज और बाजार दोनों पर पड़ सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे “लव जिहाद”,”कॉर्पोरेट जिहाद” “लैंड जिहाद” या “हलाल जिहाद” जैसे शब्दों की चर्चा होती है, उसी तरह अगर यह सोच बढ़ती गई, तो लोग अपने स्तर पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर सकते हैं।
Nitesh Rane on TCS Controversy: आर्थिक और सामाजिक असर की चेतावनी
“If they keep doing ‘jihad’ in everything & target Hindus…Land Jih@d, Love Jih@d, Halal Jih@d, Corporate Jih@d…then our brothers will also say they’ll buy only from Hindus. Similar thinking may start in companies as well, where they’ll say they’ll employ only Hindus”… pic.twitter.com/a1OnyJuErm
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) April 16, 2026
राणे ने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में समाज में विभाजन बढ़ सकता है। ऐसे हमारे हिन्दू भाई भी कहेंगे कि वे केवल हिंदुओं से ही सामान खरीदेंगे। कंपनियों में भी ऐसी ही सोच शुरू हो सकती है, जहां वे कहेंगे कि वे केवल हिंदुओं को ही नौकरी देंगे।” उदारवादी इससे नफरत करते हैं।राणे के इस बयान पर कई लोगों ने आपत्ति भी जताई है। कुछ उदारवादी विचारधारा के लोग इसे समाज में और विभाजन बढ़ाने वाला मानते हैं।
उनका कहना है कि इस तरह के बयान से आपसी विश्वास कमजोर होता है और कॉर्पोरेट सेक्टर की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े होते हैं। वहीं, कुछ लोग राणे के बयान का समर्थन करते हुए इसे “प्रतिक्रिया” बताते हैं और कहते हैं कि अगर आरोप सही हैं, तो इस पर गंभीर जांच होनी चाहिए।
Nashik TCS Case: क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद तब सामने आया जब TCS के नासिक कार्यालय में काम करने वाली आठ महिला और एक पुरुष कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर कुछ धार्मिक गतिविधियों को अपनाने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत में कहा गया कि उन्हें नमाज पढ़ने, खान-पान की आदतों में बदलाव करने और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई।
कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। TCS के चेयरमैन ने बयान जारी कर कहा कि ये आरोप बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले की सच्चाई जानने के लिए कंपनी ने उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। इस जांच की जिम्मेदारी कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी Aarthi Subramanian को सौंपी गई है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Pune Latest News Today: जांच और मुख्य आरोपी
नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) भी इस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान Nida Khan को कथित रूप से मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर चिन्हित किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने कुछ महिला कर्मचारियों को पहले दोस्ती और प्रेम संबंधों के जरिए अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उन पर मानसिक दबाव बनाकर उनका शोषण किया गया। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि पीड़ितों को उनके पहनावे और जीवनशैली में बदलाव करने के लिए प्रभावित किया गया, जिससे वे कुछ खास धार्मिक प्रथाओं को अपनाएं।
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