Bhagwant Mann Netherlands Visit : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से राज्य में बासमती के लिए एक उच्च स्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य फसली विविधता को बढ़ावा देना और किसानों के भविष्य को मजबूत बनाना है।
नीदरलैंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उद्योग क्षेत्र की बेहतरीन कार्यप्रणालियों का अध्ययन किया, जिन्होंने उस देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि देश की भलाई के लिए पंजाब के किसानों ने उपजाऊ भूमि और पानी जैसे अनमोल संसाधनों का अत्यधिक उपयोग किया है, जिसके चलते गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलना समय की जरूरत बन गया है। उन्होंने फसली विविधता को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इस दिशा में नीदरलैंड पंजाब की मदद कर सकता है।
टिकाऊ खेती पर जोर

मुख्यमंत्री ने रॉटरडैम में एलटी फूड्स की सुविधा का दौरा किया, जहां कंपनी ने 80 से अधिक देशों में अपनी मौजूदगी और एक लाख से अधिक किसानों के साथ अपने मजबूत संबंधों की जानकारी दी। उन्होंने टिकाऊ खेती की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए कीटनाशकों के उपयोग को कम करना और वैश्विक बाजार में बासमती चावल को बढ़ावा देना जरूरी है।
भगवंत सिंह मान के प्रयासों से एलटी फूड्स ने पंजाब में बासमती चावल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने, सुनिश्चित खरीद और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का भरोसा दिया।
शोध और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने डच बहुराष्ट्रीय कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के बीच शोध और टिकाऊ खेती पद्धतियों के लिए सहयोग बढ़ाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब लाभकारी व्यवसाय नहीं रह गई है, जिससे किसानों को जीवनयापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन बढ़ाने वाली तकनीकों का पहले ही अत्यधिक उपयोग हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कृषि आय बढ़ाने और बासमती उत्पादन में वृद्धि के जरिए प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
फ्लोरीकल्चर ऑक्शन मार्केट का दौरा

इस दौरान उन्होंने आल्समीयर स्थित फ्लोरीकल्चर ऑक्शन मार्केट का भी दौरा किया, जो दुनिया का सबसे बड़ा फूल और पौधा बाजार है। यहां उन्होंने डच नीलामी प्रणाली के उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और वैश्विक वितरण के उच्च स्तर के समन्वय को समझा। उन्होंने पंजाब में भी इसी तरह का मॉडल अपनाने की इच्छा जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कृषि डायरेक्टर-जनरल सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ विस्तृत बैठक की। भारत-नीदरलैंड के लंबे कृषि सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने जल दक्षता आधारित खेती, फसली विविधता, तकनीक आधारित उत्पादकता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के लिए डच विशेषज्ञता की मांग की।
आधुनिक तकनीक पर फोकस
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब नीदरलैंड की उन्नत कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिए उत्सुक है, जिनमें ऑटोमेशन, एआई, ड्रोन और डेटा आधारित फसल प्रबंधन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीनहाउस खेती पानी और ऊर्जा के कुशल उपयोग के साथ उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए बेहद उपयुक्त है।
उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और वैगेनिंगन यूनिवर्सिटी एंड रिसर्च के बीच शोध, नवाचार और ज्ञान आदान-प्रदान के लिए साझेदारी का प्रस्ताव भी रखा।
वीएनओ-एनसीडब्ल्यू के नेतृत्व से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और पंजाब के बीच दीर्घकालिक साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि आईटी/आईटीईएस, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और आलू उत्पादन जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों को लाभ मिल सकता है।
निवेश के लिए पंजाब बना आकर्षक गंतव्य
मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों को पंजाब में शुरू होने वाले कृषि-तकनीकी और औद्योगिक प्लेटफॉर्मों में भाग लेने का निमंत्रण दिया, जिसमें सीआईआई से जुड़ना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पंजाब तेजी से निवेश के लिए पसंदीदा स्थान बन रहा है।
उन्होंने औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 और फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल जैसी प्रगतिशील नीतियों की जानकारी दी, जो समयबद्ध और पारदर्शी मंजूरियां सुनिश्चित करती हैं।
अंत में, भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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