खालिस्तान समर्थक प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नू एवं उसके साथियों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बृहस्पतिवार को देशद्रोह एवं अलगाववाद के दो अलग अलग मामले दर्ज किये । यह मामले अमृतसर एवं कपूरथला में दर्ज किये गये हैं।
पन्नू उन नौ लोगों में शमिल है जिन्हें केंद्र सरकार ने बुधवार को गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने पन्नू को सक्रिय रूप से भारत के खिलाफ अलगाववाद का अभियान चलाने और सिख युवकों को आतंकवाद में शामिल होने के लिये उकसाने के आरोपों के चलते आतंकवादी घोषित किया है।
दलित सुरक्षा सेना ने पन्नू और उसके साथियों के खिलाफ यह शिकायत दर्ज करायी है । दलित सुरक्षा सेना ने अमृतसर में पन्नू के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है । पन्नू पर भारतीय संविधान एवं राष्ट्रीय ध्वज जलाने तथा दूसरों को भी ऐसा करने के लिये उकसाने के आरोप में यह मामला दर्ज कराया गया है।
अपनी शिकायत में दलित सुरक्षा सेना ने कहा है कि अमेरिका में स्थित सिख फॉर जस्टिस का स्वयंभू कानूनी सलाहकार पन्नू और उसके साथी एक वीडियो में भारतीय संविधान एवं राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते दिख रहे हैं । शिकायत में कहा गया है कि पन्नू एवं उसके साथी संविधान की एक प्रति तथा ध्वज को आग के हवाले करते तथा खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते दिख रहे हैं।
इसमें कहा गया है कि वीडियो में पन्नू समूचे सिख समुदाय के लोगों को जनमत संग्रह 2020 के पक्ष में और भारतीय संविधान के खिलाफ उकसाता दिख रहा है । दूसरी प्राथमिकी कपूरथला जिले के भुलत्थ में दर्ज की गयी है। यह प्राथमिकी जोगिंदर सिंह गुज्जर उर्फ गोगा के फरवरी 2020 में भारत में प्रवेश संबंधी खुफिया सूचना के आधार पर दर्ज की गयी है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी ।
प्रवक्ता ने बताया कि पन्नू एवं उसके साथियों के खिलाफ देशद्रोह एवं अलगाववादी गतिविधि के लिये मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी मिली है कि जोगिंदर सिंह प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख एवं सक्रिय सदस्य है ।


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