गाजियाबाद में 10,000 लोगों को जल्द मिलेगा घर, मधुबन-बापूधाम में रजिस्ट्री शुरू, सितंबर में सौंपी जाएगी चाबी

Summary :

गाजियाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 10,000 लोगों को जल्द ही अपने सपनों का घर मिलने वाला है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) सितंबर में लाभार्थियों को फ्लैट की चाभियां सौंप सकता है।

गाजियाबाद में करीब 10,000 लोगों का अपना घर पाने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना की तरफ फ्लैट देने की तैयारी। GDA की तरफ से सितंबर में लाभार्थियों को फ्लैट की चाभी सौंपी जा सकती है। इस परियोजना में GDA के 5 प्रोजेक्ट और प्राइवेट बिल्डरों के करीब 10000 फ्लैट शामिल हैं। इन फ्लैटों का अलॉटमेंट पहले ही किया जा चुका है। जीडीए सचिव विवेक मिश्र खुद प्रधानमंत्री आवास योजना प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं।

किन जगहों पर बन रहे हैं फ्लैट?

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की तरफ से मधुबन-बापूधाम, डासना, प्रताप विहार, नूरनगर और निवाड़ी में फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इन पांचों परियोजनाओं में कुल चार हजार फ्लैट बन रहे हैं।

मधुबन बापूधाम में रजिस्ट्री शुरू

PM Awas Yojana in Ghaziabad
PM Awas Yojana in Ghaziabad (Image- Social Media)

इस योजन के तहत मधुबन बापूधाम में 856 फ्लैट बनकर तैयार हो चुके हैं। अब GDA लाभार्थियों के नाम की रजिस्ट्री करा रहा है। रजिस्ट्री होने के बाद लाभार्थियों को कब्ज़ा पत्र (पजेशन) सौंपा जाएगा।

बिल्डरों को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश

केंद्र सरकार ने 30 सितंबर तक इस परियोजना की रिपोर्ट मांगी है। इसलिए GDA सचिव विवेक मिश्र ने 30 अगस्त तक बिल्डरों को हर हाल में इन फ्लैटों का बचा हुआ काम पूरा करने का निर्देश दिया है। ऐसा इसलिए, ताकि 30 सितंबर तक सभी लाभार्थियों को फ्लैट्स का कब्ज़ा दिया जा सके।

फ्लैट में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम

इस परियोजना के तहत बनाए जा रहे सभी फ्लैटों में आग से सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, जिसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, सीवरेज की समस्या से निपटने के लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने के काम में भी तेजी लाई जा रही है।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।