खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं के साथ दरिंदगी, रेप कर निकाले गए गर्भाशय; बॉडी के कई पार्ट्स को नोंचा और जलाया गया

Summary :

Barbarism against Iranian Protesters: ईरान की खामेनेई सरकार के बारे में खुलासे चौंकाने वाले हैं। ईरानी-जर्मन पत्रकार मिशेल अब्दोल्लाही ने अपनी ही सरकार पर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सुरक्षा बलों ने आबादी में ज़्यादा से ज़्यादा डर फैलाने और अशांति को दबाने के लिए विरोध करने वाली महिलाओं के खिलाफ रेप और अंग-भंग जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया। Iran’s Islamic Regime: ईरानी पत्रकार के खुलासे से हड़कंप डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी पत्रकार ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी मिली है। उनके मुताबिक़, गिरफ्तार…

Barbarism against Iranian Protesters: ईरान की खामेनेई सरकार के बारे में खुलासे चौंकाने वाले हैं। ईरानी-जर्मन पत्रकार मिशेल अब्दोल्लाही ने अपनी ही सरकार पर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सुरक्षा बलों ने आबादी में ज़्यादा से ज़्यादा डर फैलाने और अशांति को दबाने के लिए विरोध करने वाली महिलाओं के खिलाफ रेप और अंग-भंग जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया।

Iran’s Islamic Regime: ईरानी पत्रकार के खुलासे से हड़कंप

Barbarism against Iranian Protesters
Barbarism against Iranian Protesters (Source: Social Media)

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी पत्रकार ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी मिली है। उनके मुताबिक़, गिरफ्तार महिलाओं के साथ रेप किया जाता है, उनके गर्भाशय निकाल दिए जाते हैं, सिर की खाल उनके बालों समेत उतार दी जाती है और बॉडी पर सिगरेट के जलने के निशान छोड़ दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं के शव को पहले ही जला दिए जाते हैं क्योंकि शासन उनके साथ हुई यातना को छिपाने की पूरी कोशिश करती है। इतना ही नहीं उन्होंने आगे बताया कि यहां के बच्चों के साथ भी ऐसी ही घटनाएं होती हैं।

Ayatollah Regime in Iran: महिलाओं को बनाया निशाना

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने के लिए IRGC की बसीज मिलिशिया के साथ-साथ इराक से आए हजारों शिया लड़ाकों की तैनाती की गई। ‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, हिरासत के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों, जिसमें 16 वर्षीय लड़की भी शामिल थी, जिनके साथ यौन हिंसा और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने इंटरनेट और संचार सेवाएं भी बंद कर दीं।

Barbarism against Iranian Protesters: हजारों मौतें, फिर भी विरोध जारी

अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन प्रदर्शनों को ‘विदेशी साजिश’ करार दिया। मृतकों की संख्या पर अलग-अलग दावे हैं. सरकारी आंकड़ों में 3,117 जबकि रॉयटर्स के अनुसार कम से कम 5,000 लोग मारे गए। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि कई मामलों की जांच जारी है। इसके बावजूद, ईरानी जनता दमन के आगे झुकने को तैयार नहीं है और विरोध जारी रखने की बात कह रही है।

यह भी पढ़ें: फोन कर बुलाया और चाकू से गोदकर मार डाला! इतनी सी बात के लिए युवक पर हैवान की तरह टूट पड़े उसके ही दोस्त, इलाके में फैली सनसनी

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।