Chhattisgarh Budget 2026-27: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.72 लाख करोड़ का बजट पेश किया। यह बजट केवल सरकारी आय और खर्च का दस्तावेज नहीं है, बल्कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास की विस्तृत योजना भी है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश को तेज विकास की राह पर आगे बढ़ाना और हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
Chhattisgarh Budget 2026-27: कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
राज्य की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और खेती पर निर्भर है। इसी को ध्यान में रखते हुए बजट में किसानों और कृषि मजदूरों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। भूमिहीन कृषि मजदूरों को ब्याज-मुक्त ऋण देने की योजना से उन्हें आर्थिक सहारा मिलेगा। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे लागत कम होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। कृषि पंपों और सिंचाई सुविधाओं के लिए भी पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे खेती में सुधार होगा और उत्पादन बढ़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इन पहलों से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर
प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नए औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना और निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया है। स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं, ताकि युवा उद्यमिता की ओर बढ़ सकें। कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार कर युवाओं को रोजगार के योग्य बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि उद्योग और निवेश बढ़ने से राज्य में नए रोजगार सृजित होंगे। इससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर अवसर मिल सकेंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
शिक्षा में विस्तार और गुणवत्ता पर जोर
शिक्षा के क्षेत्र में इस बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में नए कॉलेज भवन बनाए जाएंगे और तकनीकी संस्थानों का विस्तार किया जाएगा। आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में निवेश बढ़ाकर युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
साथ ही उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence) स्थापित करने की योजना है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च स्तरीय शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इन कदमों से प्रदेश को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
बेहतर स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक का अधिकार है। इसी उद्देश्य से नए मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रावधान किया गया है। साथ ही आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट रखा गया है। ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार से लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा
महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए भी बजट में उल्लेखनीय प्रावधान किए गए हैं। मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं, आंगनबाड़ी सेवाओं और बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाली योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि निर्धारित की गई है। इन योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और समाज में उनका सम्मान बढ़े। सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।
समावेशी विकास की दिशा में कदम
यह बजट देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र से प्रेरित बताया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे और पारदर्शिता के साथ योजनाओं को लागू किया जाए। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ का यह बजट विकास, जनकल्याण और सुशासन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यदि योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो आने वाले समय में प्रदेश आर्थिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
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