Gallup Poll : अमेरिका को लेकर गैलप के नए सर्वे आए हैं जिसके अनुसार अमेरिका में 18 से 29 साल के युवा लड़के, लड़कियों से ज्यादा धर्म को अपने जीवन में जरूरी मानने लगे हैं. यानी अमेरिका में टीनेज युवाओं के बीच धर्म का बोलबाला लड़कियों के मुकाबले लड़कों में ज्यादा देखने को मिल रहा है. यह ट्रेंड कई सालों बाद देखने को मिला है, रिपोर्ट के अनुसार इस तरह का मामला अमेरिका में 25 साल बाद सामने आया है.
बता दें रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के युवा आबादी यानी 18 से 29 साल के 42% पुरुषों के लिए धर्म महत्वपूर्ण है. 42 फीसदी का यह आंकड़ा 2022-23 में 28% था. यानी देखा जाए तो हाल के वर्षों में इसमें तेजी देखने को मिली है. वहीं इसी उम्र की महिलाओं में यह आंकड़ा करीब 30% ही बना हुआ है.
30 साल से कम उम्र के लोगों में बदलाव
आमतौर पर महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा धार्मिक माना जाता रहा है, भारत समेत दुनियाभर में यही ट्रेंड देखने को मिला है, मगर अमेरिका में अब मामला पलटता दिखाई दे रहा है. गैपल की रिपोर्ट के अनुसार धीरे-धीरे महिला पुरुष की धार्मिकता का अंतर कम हुआ था, मगर हाल के वर्षों में अब उल्टा हो गया है. हालांकि 30 से ऊपर की महिलाएं अभी भी पुरुषों के मुकाबले अधिक धार्मिक हैं.
रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों में रुझान ज्यादा
बता दें, अमेरिका में दो पार्टियां हैं. एक रिपब्लिकन दूसरी डेमोक्रेट्स. डोनाल्ड ट्रम्प रिपब्लिकन पार्टी से हैं और उन्हीं की सरकार है. डोनाल्ड ट्रम्प का सपोर्टर बेस मागा समर्थक हैं. यह अपने आप में विचारधारा बन कर उभरा है.
हाल के समय अमेरिका में वाइट सुप्रिमेसी भी बढ़ी है. रिपब्लिकन पार्टी कंजरवेटिव मानी जाती है. सरकार में आने के बाद से धर्म को लेकर युवाओं में रुझान भी बढ़ा है. गैपल सर्वे में पता चला कि यह बदलाव खासकर रिपब्लिकन विचारधारा वाले युवाओं में ज्यादा दिख रहा है.
2019 के बाद से रिपब्लिकन युवा पुरुषों और महिलाओं में मंदिर, चर्च, मस्जिद या सिनेगॉग जाने की संख्या बढ़ी है. वहीं डेमोक्रेटिक विचारधारा वाले युवाओं ने धार्मिक गतिविधियों में शामिल होना कम किया है.
नैतिक मुद्दों पर भी सोच अलग
रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 साल से कम उम्र की डेमोक्रेटिक महिलाओं में सिर्फ करीब एक-चौथाई ही महीने में एक बार धार्मिक स्थल जाती हैं, जबकि रिपब्लिकन महिलाओं में यह संख्या करीब 60% है. दूसरी ओर, प्यू रिसर्ट सेंटर के सर्वे बताते हैं कि नैतिक मुद्दों पर युवा पुरुष और महिलाओं की सोच अलग है.
मार्च 2025 के सर्वे में पाया गया कि 40% युवा पुरुष तलाक को गलत मानते हैं, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा लगभग 20% है. करीब आधे युवा पुरुष गर्भपात को गलत मानते हैं, जबकि महिलाओं में यह संख्या लगभग एक-तिहाई है. समलैंगिकता के मुद्दे पर भी पुरुषों की राय महिलाओं से ज्यादा सख्त है.
यह भी पढ़ें – पाकिस्तान में सेना का बढ़ता दबदबा, असिम मुनीर के हाथ में कूटनीति की कमान: रिपोर्ट
























