OCI New Rules 2026 : भारत सरकार ने विदेशी भारतीय नागरिकता (OCI) कार्ड से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 1 अप्रैल 2026 से लागू इन नए प्रावधानों का उद्देश्य प्रवासी भारतीयों के लिए आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और पूरी तरह डिजिटल बनाना है। ऐसे में उन विदेशी नागरिकों के लिए यह राहत देने वाली खबर है जो भारत में रहना चाह रहे हैं.
क्या है OCI
आपको बता दें, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) एक विदेशी नागरिक को भारत में असीमित समय तक रहने, काम करने और बहुउद्देशीय आजीवन वीज़ा (Multiple-entry, multi-purpose life-long visa) की सुविधा देता है, लेकिन यह ‘दोहरी नागरिकता’ नहीं है।
यह कार्डधारकों को NRI के समान आर्थिक व शैक्षिक अधिकार देता है, लेकिन वे मतदान नहीं कर सकते, सरकारी नौकरी नहीं पा सकते, न ही खेती के लिए जमीन खरीद सकते हैं.
बता दें नए नियमों में दी गई ढील के अनुसार अब तक भारत में OCI कार्ड के लिए आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों को कम से कम 6 महीने तक देश में रहकर साधारण निवासी होने का प्रमाण देना पड़ता था। लेकिन नए नियमों के अनुसार जो 8 अप्रैल 2026 से लागू हो गए हैं, नए स्पष्टीकरण के अनुसार, यह अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
भारत पहुंचते ही कर सकेंगे आवेदन
नए नियमों के तहत पात्र विदेशी नागरिक भारत पहुंचते ही OCI कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए अब 6 महीने तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। यानि अब जरूरत नहीं कि वे पहले भारत में 6 महीने तक साधारण निवासी का प्रमाण की जरूरत नहीं, अब वे पहुंचते के साथ ही आवेदन कर सकते हैं. हालांकि, आवेदन के लिए वैध वीजा और सभी आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य रहेगा।
क्या है नई फीस स्ट्रक्चर
1 अप्रैल 2026 से OCI सेवाओं के लिए नई फीस लागू हो गई है:
- ₹15,000 (डिमांड ड्राफ्ट के जरिए)- नए आवेदन के लिए
- 275 USD – विदेश में नए आवेदन के लिए
- 25 USD (लगभग ₹2,100)- विवरण में बदलाव या 20 साल की उम्र के बाद री-इश्यू:
- 100 USD (लगभग ₹8,300) -कार्ड खोने या खराब होने पर
- 25 USD – लेट फीस
इसके अलावा अब भारत आने वाले OCI धारकों के लिए डिजिटल सेवा शुरू कर रही है जिसमें फिजिकल कागजी फॉर्म की जगह विमान में चढ़ने से पहले Digital e-Arrival Card प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही PIO कार्ड को वैध यात्रा दस्तावेज के रूप में स्वीकार करना पूरी तरह बंद कर दिया है।
OIC कार्ड के लिए दस्तावेजों की जरूरत
- भारतीय मूल का प्रमाण (पुराना भारतीय पासपोर्ट या सरेंडर सर्टिफिकेट)।
- विदेशी पासपोर्ट और नागरिकता का प्रमाण (Naturalization Certificate)।
- हालिया पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर।
- भारत में पते का प्रमाण (Rent Agreement या Utility Bill)।
- बच्चों के लिए अपोस्टिल किया हुआ जन्म प्रमाण पत्र।
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