Iran Attack US Diego Garcia Base: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता का दम दिखाते हुए खाड़ी देशों से बाहर हिंद महासागर में जंग की आग छेड़ दी है। ईरान ने चागोस द्वीपसमूह में डिएगो गार्सिया में संयुक्त अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे की ओर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वाशिंगटन तेहरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को समाप्त करने के “बहुत करीब” है।
4 हजार किलोमीटर दूर दुर्लभ लक्ष्य
ईरान द्वारा दागी मिसाइल सैन्य अड्डे तक नहीं पहुंच पाई है क्योंकि यह 4 हजार किलोमीटर दूर दुर्लभ लक्ष्य है। बताया जा रहा है कि एक मिसाइल उड़ान के दौरान विफल हो गई, जबकि एक अमेरिकी युद्धपोत ने दूसरी मिसाइल पर एसएम-3 इंटरसेप्टर से हमला किया। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इंटरसेप्शन सफल रहा या नहीं। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि मिसाइलें कब दागी गईं।
हिट-टू-किल की तकनीक
एसएम-3 इंटरसेप्टर का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना द्वारा छोटी से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने के लिए किया जाता है। यह विस्फोटक वारहेड के बजाय अपनी ताकत पर निर्भर करता है। इसका “किल व्हीकल” 600 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहे 10 टन के ट्रक की ताकत से लक्ष्यों पर प्रहार करता है। बता दें कि “हिट-टू-किल” के नाम से जानी जाने वाली इस तकनीक की तुलना एक गोली को दूसरी गोली से रोकने से की गई है।
डिएगो गार्सिया पर हमला
यह हमला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि डिएगो गार्सिया ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित है। जिससे यह सामने आ गया कि ईरान की मिसाइल मारक क्षमता सार्वजनिक रूप से बताई गई क्षमता से कहीं अधिक हो सकती है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले महीने कहा था कि देश ने अपनी मिसाइल मारक क्षमता को 2,000 किलोमीटर तक सीमित कर दिया है। डिएगो गार्सिया स्थित सैन्य अड्डा संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम द्वारा संयुक्त रूप से संचालित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सुविधा है।
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