ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अमेरिका में ‘No Kings’ प्रदर्शन, बड़ी संख्या में रैलियों में पहुंचे आंदोलनकारी

No Kings Protest in US

No Kings Protest in US : अमेरिका में 28 मार्च को “No Kings” नाम से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। देशभर में हजारों लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और फैसलों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर की। यह प्रदर्शन ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान आयोजित होने वाला तीसरा बड़ा विरोध बताया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार पूरे अमेरिका में करीब 3,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद थी। जो कैलिफोर्निया से ले कर डीसी तक बड़े पैमाने पर हो रहे हैं।

No Kings Protest in US: किन बड़े शहरों में हुए प्रदर्शन

No Kings Protest in US
No Kings Protest in US (Source: Social Media)

शनिवार को कैलिफोर्निया, टेनेसी, ओहियो, न्यू जर्सी, डेलावेयर, फ्लोरिडा, टेक्सास और वॉशिंगटन डी.सी. सहित कई राज्यों में रैलियां और मार्च निकाले गए। मिनेसोटा के सेंट पॉल शहर में आयोजित रैली में राज्य के गवर्नर टिम वॉल्ज, सीनेटर बर्नी सैंडर्स, अभिनेत्री जेन फोंडा और कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर जैसी प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस रैली में मशहूर गायक और ग्रैमी अवॉर्ड विजेता ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने “Streets of Minneapolis” गीत भी प्रस्तुत किया।

प्रदर्शन के दौरान लोग सड़कों पर मार्च करते दिखाई दिए। कई जगहों पर बड़ी संख्या में लोग मुख्य सड़कों के किनारे खड़े होकर पोस्टर और तख्तियां लहराते रहे। वहां से गुजरने वाले वाहनों को देखकर प्रदर्शनकारी नारे लगाते और अपने समर्थन का संदेश देते नजर आए।

किन मुद्दों को लेकर हुआ विरोध

“No Kings” आंदोलन का मुख्य उद्देश्य ट्रंप प्रशासन की नीतियों और फैसलों का विरोध करना है। आंदोलन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस बार के प्रदर्शन में खास तौर पर इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की कार्रवाइयों, हिरासत और उनसे जुड़ी मौतों के मामलों पर सवाल उठाए गए। इसके अलावा ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को भी प्रदर्शनकारियों ने चिंता का विषय बताया।

No Kings Protest in US: युद्ध के विरोध में प्रदर्शन

No Kings Protest in US
No Kings Protest in US (Source: Social Media)

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि नकाबपोश एजेंटों की कार्रवाई से समुदायों में डर का माहौल बन रहा है। साथ ही उनका आरोप है कि देश को एक अवैध और विनाशकारी युद्ध की ओर धकेला जा रहा है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों और मतदान के अधिकार पर दबाव बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि बढ़ती महंगाई के कारण आम परिवार आर्थिक संकट की स्थिति में पहुंच रहे हैं।

“No Kings” आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि अमेरिका में सत्ता जनता के हाथ में है और देश में किसी भी तरह की तानाशाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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