कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति लगाने के साथ उनकी नीतियों का अनुसरण करे। श्री शुक्ला ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा सरदार पटेल की नीतियों को लेकर सुविधा की राजनीति करती है और पटेल के जो विचार इनके विचारो से मेल खाते है उन पर बात करती है जबकि जो विचार इनको सुविधाजनक नहीं लगते उन पर बात नहीं करना चाहती।
उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल की बीच मतभेद की बात कहने पर भाजपा को आड़ हाथों लेते हुये कहा कि यह सही नही है बल्कि दोनो नेता गहरे मित्र थे और अधिकांश मुद्दों पर दोनो नेताओं की एक राय थी।उन्होंने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को यह नहीं भूलना चाहिए कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ को गैर कानूनी संगठन घोषित करते हुये उस पर सबसे पहले प्रतिबंध श्री पटेल ने ही लगाया था।
राममंदिर को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में श्री शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस का इस मामले को लेकर शुरु से ही अदालत के निर्णय का सम्मान करने की बात कहती रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए मंदिर निर्माण मुद्दा चुनावी मुद्दा है और वह हर चुनाव में इसे लेकर वोटों की फसल काटना चाहती है। उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद को भ्रम में रखने के कारण परिषद के कई नेता भाजपा से नाराज है तथा कांग्रेस के सम्पर्क में है।उन्होंने कहा कि भाजपा ने वोट हासिल करने के लिए समाज के हर वर्ग को सब्जबाग दिखायें और तरह तरह के वादें किये जिनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया जबकि कांग्रेस जो कहती वह करती भी है।


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