प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर शोक जताया और कहा कि आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति!!
— Narendra Modi (@narendramodi) September 20, 2021
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।’’ ज्ञात हो कि महंत नरेंद्र गिरि सोमवार को प्रयागराज स्थित अपने बाघंबरी गद्दी मठ में मृत मिले। गिरि निरंजनी अखाड़े के सचिव भी थे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी महंत नरेंद्र गिरी के निधन पर दुख जतया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ”अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य संत महंत नरेंद्र गिरी जी महाराज के देवलोकगमन की दुःखद सूचना मिली। सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूज्य स्वामीजी द्वारा समाज के कल्याण में दिए योगदान को सदैव याद किया जाएगा। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।”
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 20, 2021
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी महंत नरेंद्र गिरी के निधन पर दुख जतया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ”अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
बता दें कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी का शव सोमवार की दोपहर प्रयागराज के बाघंबरी मठ में फंदे से लटका मिला। उनके कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस का दावा है कि नरेंद्र गिरी ने आत्महत्या की है। सुसाइड नोट में शिष्य आनंद गिरी के बारे में ज्यादा चर्चा है। सुसाइड नोट में उन्होंने एक तरह से मठ और आश्रम को लेकर वसीयत भी लिख दी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में उन्होंने आत्महत्या करने की बात लिखी है। हालांकि सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच होगी।


Download Android App
Download iOS App



