भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों को ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर को लूटने वालों के खिलाफ क्रोध की भावना नहीं रखनी चाहिए बल्कि उसे ‘‘पूरी तरह से सोने से मढ़कर’’ उसके पुराने गौरव को बहाल करने का संकल्प लेना चाहिए। सोमनाथ ट्रस्ट के न्यासी शाह ने यह टिप्पणी पास के तट के किनारे एक पर्यटक पैदल पथ की आधारशिला रखने के बाद की।
शाह ने कहा, ‘‘करीब एक करोड़ श्रद्धालु यहां प्रत्येक वर्ष आते हैं। ट्रस्ट ने भीड़ के लिए इंतजाम के वास्ते कई पहल की हैं। यद्यपि मेरा मानना है कि मंदिर का विकास अधूरा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरे जैसे लोग जो इस मंदिर से बचपन से जुड़े हुए हैं, उनके लिए उसका विकास तब तक बेमतलब है जब तक इसे पूरी तरह से स्वर्ण से मढ़ नहीं दिया जाता।’’
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उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रिकार्ड से पता चलता है कि यह मंदिर कभी सोने और चांदी से ढका हुआ था और उसकी रक्षा के लिए कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहूति दी।
उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर को हालांकि पूर्व में कई बार नष्ट किया गया और लूटा गया, लेकिन लोगों को कोई द्वेष नहीं रखना चाहिए और बदला लेने के बारे में नहीं सोचना चाहिए।’’
शाह ने कहा, ‘‘एकमात्र जवाब है…मंदिर के वैभव को बहाल करने के लिए एक संकल्प लें। जिस गति से कार्य चल रहा है, आप जल्द ही मंदिर के ऊपर लगे सभी कलशों को स्वर्ण में मढ़ा देखेंगे।’’
उन्होंने इसके साथ ही स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद मंदिर के पुनर्निर्माण में देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और के एम मुंशी और मोरारजी देसाई जैसे नेताओं के योगदान को याद किया। ऐतिहासिक रिकार्ड से पता चलता है कि 11वीं से 18वीं सदी के बीच मंदिर को विदेशी आक्रमणकारियों ने 17 बार तोड़ा।
1500 मीटर पर्यटक पैदलपथ का निर्माण 45 करोड़ रूपये की लागत से किया जाएगा और यह केंद्र सरकार के पर्यटन विभाग की एक परियोजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी मंदिर के न्यासी हैं।
यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यह प्रभास पाटन नगर में स्थित है जिसे आमतौर पर सोमनाथ के तौर पर जाना जाता है।
इससे पहले दिन में शाह और उनके परिवार के सदस्यों ने मंदिर में पूजा अर्चना की।


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