आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ BSP से हुए बाहर, गुटबाजी और अफवाहों पर लगाया पूर्ण विराम

Summary :

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ और रणधीर बेनीवाल को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

Ashok Siddharth Expelled from BSP

Ashok Siddharth Expelled from BSP : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठन में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मायावती ने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ और पार्टी नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों में पार्टी से तुरंत प्रभाव से बाहर कर दिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बसपा सुप्रीमो ने साफ किया कि अशोक सिद्धार्थ को अब भविष्य में कभी भी किसी शर्त पर दोबारा बसपा में शामिल नहीं किया जाएगा। यूपी चुनाव से ठीक पहले मायावती का यह रुख साफ संकेत देता है कि पार्टी में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चेतावनी के बावजूद नहीं सुधरे

Ashok Siddharth Expelled from BSP

अशोक सिद्धार्थ बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद के ससुर हैं। उन्हें पिछले साल भी पार्टी से निकाला गया था, लेकिन माफी के बाद इस शर्त पर वापसी कराई गई थी कि वे उत्तर प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों में संगठन का काम संभालेंगे।

मायावती के अनुसार, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उनके खिलाफ लगातार अनदेखी और अनुशासनहीनता की शिकायतें आती रहीं। शनिवार को उन्हें जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया, जिसके बाद यूपी में उनकी वापसी की अफवाहें फैलाकर 2027 के चुनाव अभियान को प्रभावित करने की कोशिश की गई। इसी वजह से उन्हें स्थायी रूप से बाहर का रास्ता दिखाया गया।

रामजी गौतम को मिली पंजाब की कमान

इसी कड़ी में पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर का काम देख रहे रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित कर दिया गया है। संगठन के नए फेरबदल के तहत अब राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक यह जिम्मेदारी निभाएंगे।

बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि जो वरिष्ठ पदाधिकारी अन्य राज्यों में पार्टी संगठन का काम देख रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई सांगठनिक पद नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से साजिशकर्ताओं और भ्रामक खबरों से सतर्क रहने की अपील की है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।