क्या आप भी गलत दिशा में कर रहे हैं पूजा, आज ही नहीं माने ये वास्तू नियम तो घर से चली जाएंगी लक्ष्मी

Summary :

Ghar Ka Mandir Kis Disha Me Hona Chahiye: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर का होना न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का भी स्रोत माना जाता है। आज के समय में जहां घरों का आकार छोटा हो गया है, वहीं मंदिर के स्वरूप में भी बदलाव आया है। अब लोग लकड़ी, पत्थर या सीमेंट से बने छोटे और सुंदर मंदिरों को घर के एक कोने में स्थापित करना पसंद करते हैं। लेकिन मंदिर का आकार या सामग्री चाहे जो भी हो, इसके निर्माण और रख-रखाव में वास्तु के…

Ghar Ka Mandir Kis Disha Me Hona Chahiye: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर का होना न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का भी स्रोत माना जाता है। आज के समय में जहां घरों का आकार छोटा हो गया है, वहीं मंदिर के स्वरूप में भी बदलाव आया है। अब लोग लकड़ी, पत्थर या सीमेंट से बने छोटे और सुंदर मंदिरों को घर के एक कोने में स्थापित करना पसंद करते हैं। लेकिन मंदिर का आकार या सामग्री चाहे जो भी हो, इसके निर्माण और रख-रखाव में वास्तु के कुछ नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक है।

Ghar Ka Mandir Kis Disha Me Hona Chahiye: ये है पूजा करने की सही दिशा

Ghar Ka Mandir Kis Disha Me Hona Chahiye 2
Ghar Ka Mandir Kis Disha Me Hona Chahiye 2

सबसे पहले बात करें मंदिर की दिशा की, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर को घर के ईशान कोण यानी पूर्व-उत्तर दिशा में स्थापित करना सबसे शुभ माना गया है। यह दिशा देवताओं का वास स्थान मानी जाती है और इसी दिशा से सूर्य का उदय भी होता है, जो जीवन में प्रकाश और ऊर्जा का प्रतीक है। इसलिए कोशिश करें कि घर का मंदिर हमेशा इस दिशा में ही बने। यदि यह संभव न हो तो पूर्व दिशा को प्राथमिकता दें।

Ghar Me Mandir ki height

घर के मंदिर की ऊंचाई आमतौर पर ज़मीन से 6 से 12 इंच होनी चाहिए। मंदिर को उचित स्थान और पूजा में आसानी के लिए यह ऊंचाई ज़रूरी है। इसके अलावा, मंदिर की ऊंचाई ऐसी होनी चाहिए कि देवता के चरण और आपका हृदय एक ही स्तर पर हों।

Mandir Ke Jaruri Niyam

साथ में न रखें एक जैसी मूर्तियां

मंदिर की सफाई और पवित्रता भी अत्यंत जरूरी है। मंदिर के स्थान को हमेशा स्वच्छ और शांत बनाए रखना चाहिए। गंदगी या अस्त-व्यस्तता से मंदिर की ऊर्जा प्रभावित होती है और यह नकारात्मकता को आकर्षित कर सकती है। इसके अलावा, मंदिर में स्थापित मूर्तियों से जुड़े कुछ विशेष नियम हैं। पूजाघर में एक ही प्रकार की दो या अधिक मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए, जैसे दो शिवलिंग, दो शंख, दो शालिग्राम या तीन गणेश-देवी की मूर्तियां। माना जाता है कि इससे घर में ऊर्जा असंतुलित हो सकती है और मानसिक अशांति बढ़ सकती है।

Mandir
Mandir

सूखे फूल की माला न रखें

वास्तु शास्त्र यह भी कहता है कि मंदिर में सूखे फूल या माला नहीं रखनी चाहिए। भगवान को चढ़ाए गए फूल जब मुरझा जाएं तो उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए, क्योंकि सूखे फूलों से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है। इन सरल लेकिन प्रभावशाली नियमों का पालन कर आप अपने घर के मंदिर को एक पवित्र, सकारात्मक और सुख-समृद्धि देने वाला स्थान बना सकते हैं।

सूखे फूल
सूखे फूल

Ghar Me Mandir Rakhne ka Sahi Samay

घर में मंदिर स्थापित करने का सही समय (सही दिन) सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार है। मंगलवार, शनिवार और रविवार को मंदिर स्थापित करना शुभ नहीं माना जाता है।

  • सोमवार: यह भगवान शिव का दिन माना जाता है और इस दिन मंदिर स्थापित करना शुभ होता है।
  • बुधवार: यह भगवान गणेश का दिन माना जाता है और इस दिन मंदिर स्थापित करना शुभ होता है।
  • गुरुवार: यह भगवान विष्णु का दिन माना जाता है और इस दिन मंदिर स्थापित करना शुभ होता है।
  • शुक्रवार: यह देवी लक्ष्मी का दिन माना जाता है और इस दिन मंदिर स्थापित करना शुभ होता है।

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Neha Singh