कोमा में रहकर कैसे कोई बन सकता हैं लखपति? 52 लाख जीतकर कोमा से वापिस आया ये व्यक्ति!

Summary :

कोमा में जाने के बाद एक व्यक्ति ऐसी दुनिया में प्रवेश कर बैठता हैं जहा से इस बात को कोई भरोसा नहीं की वह आखिर कब तक लौटेगा। ऐसी ही एक कहानी हैं मार्क नाम के लड़के की जिसने कोमा के दौरान खुद को करोड़पति बनते हुए देखा।

कहते हैं कोमा में जाने के बाद एक इंसान न तो ज़िंदा इंसानो में बचता हैं और न ही मृत में। कोमा में जाने के बाद कोई इस बात को नहीं जानता कि उस व्यक्ति के साथ क्या होता हैं। वह ऐसी नींद में सो जाता हैं कि कोई नहीं जनता उसकी ये आँखें कब खुलेंगी। क्योकि खुल जाये तो पल का नहीं पता और न खुले तो सालो की खबर नहीं। ऐसे ही कोमा में जाने वाले एक व्यक्ति की बात हम आपको बताने जा रहे हैं जिसने कोमा में जाकर भी करोडो कमा लिए अब आप सोच रहे होंगे कि भला ये कैसा मज़ाक हैं। कोमा में जाने के बाद व्यक्ति की सांसे नहीं पता चलती और हम बात कर रहे हैं उसकी करोडो की कमाई की तो बता दे कि ये सच हैं। 
चलिए तो हकीकत से अब पर्दा उठा ही देते हैं। दरहसल, एक व्यक्ति जो लगभग 2 सप्ताह से कोमा में था वो ये सोचकर उठ पड़ा कि  वह काफी अमीर हो गया है क्‍योंकि उसने 52 लाख रुपये जीते हैं। कई अरबपत‍ि उसके दोस्‍त हैं. इतना ही नहीं, पॉप स्‍टार रिहाना उससे मिलने आ रही हैं। लेकिन अब जब उठा तो सपने का साथ तो छोड़ना ही था। इसलिए हकीकत ने उसे शॉक्ड कर दिया। और अब व्ही इंसान दुनिया को अपनी कहानी सुनकर बता रहा हैं कि ऐसे सपनो से ज़रा चकित ही रहे। 
आने लगे थे कई तरह के ख्याल 
जिस दौरान मार्क नाम का ये व्यक्ति कोमा में था तब उसे कई तरह के सपने आने लगे जिसके बारे में उन्होंने खुद बताया, “कभी लगा कि वे काफी अमीर हो गए हैं. इतने अमीर की तमाम उद्योगपत‍ि उनके फ्रेंड बन गए हैं. सब उनसे मिलने आने वाले हैं. उनके पास खूब पैसा है.” बस यही सारी बातें उन्‍होंने अपने पर‍िवार के सदस्यों को बताई। लेकिन बाद में जब हकीकत सामने आई तो वे दंग रह गए। मार्क ने कहा, “जब मुझे एहसास हुआ कि यह वास्तविक नहीं है तो मैं थोड़ा निराश हो गया था. अब मैं चाहता हूं कि सब सावधान रहें और यह कहानी सबको पता चले ताकि लोग शराब और नशीली दवाओं से दूर रहें.”
बायां हिस्‍सा हो गया पेरालाइस्ड 
अब बात करे मार्क के डॉक्टर्स की तो उनके मुताबिक, मार्क को अबतक दो बार स्ट्रोक आ चुके हैं जिसकी वजह से उनके शरीर का बायां हिस्‍सा काम करना बंद कर चूका हैं। जिसकी वजह से अब वह ना तो हाथ हिला पा रहे हैं और बोलने में कठिनाईया हो रही हैं। उनके पैर अभी भी कमजोर अवस्था में हैं। जिसपर अपनी आपबीती बताते हुए मार्क ने कहा, मैं उन्हें फिर से फुटबॉल खेलने के लिए तैयार करना चाहता हूं. मेरा बायां हाथ और हाथ की नसें पूरी तरह से डेड हो चुकी हैं. मैं बस अपनी उंगलियां हिला सकता हूं. कुल मिलाकर, मार्क ने घर जाने से पहले ठीक होने में आठ सप्ताह अस्पताल में बिताए. लेकिन उनके साथ जो कुछ भी हुआ वह सबके लिए सबक है.

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