यहां जानें नवरात्रि पूजा के नियम, अखंड ज्योति से लेकर कलश स्थापना तक सभी जानकारी

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नवरात्रि में घटस्थापना एंव अखंड ज्योति का सबसे खास महत्व होता है। अखंड ज्योति और घटस्थापना को मां दुर्गा की चौकी के सामने ही रख देते हैं

नवरात्रि में घटस्थापना एंव अखंड ज्योति का सबसे खास महत्व होता है। अखंड ज्योति और घटस्थापना को मां दुर्गा की चौकी के सामने ही रख देते हैं और पूरे नौ दिन के लिए उसी जगह पर पूजा करते हैं। लेकिन ध्यान रखें घटस्थापना और अखंड ज्योति में कुछ ऐसे नियम यदि इनका पालन कर लिया जाए तो आपको मनवांछित वरदान प्राप्त मिल सकता है। तो आइए आप भी जान लें 25 मार्च यानी आज से आंरम्भ हुए नवरात्रि में किन-निक नियमों का पालन करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। 
1.उत्तर-पूर्व दिशा
उत्तर पूर्व दिशा को देवी-देवताओं का स्थान माना गया है। इसी दिशा में माता की प्रतिमा और घट की स्थापना करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिशा पर प्रतिमा और घट की स्थापना कर लेने से विशेष लाभ की प्राप्ति भी होती है।
2.कलश स्थापना
भूलकर भी कलश को नीचे जमीन पर ना रखें,बल्कि इसकी स्थापना चंदन के पटिए पर करें। क्योंकि यह बहुत शुभ माना जाता है इसके अलावा ध्यान रखें पूजा वाले स्थान पर कोई गंदे कपड़े आदि न रखें हो। इसलिए साफ- सफाई का खास ध्यान रखें। 
3.माता की मूर्ति
आप जिस भी जगह पर माता की प्रतिमा को स्थापित कर रहे हैं उस जगह को थोड़ा खुला रखें और वहां पर साफ-सफाई भी रखें। 

4.अखंड ज्योति
नवरात्रि में आपने यदि अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लिया है तो इसे भूल से भी गलत दिशा में ना रखें। क्योंकि अखंड ज्योति पूर्व-दक्षिण कोण यानी आग्नेय कोण में ही रखना शुभ माना जाता है। वहीं पूजा के वक्त इसका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। 

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